
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : February 28, 2023 9:38 AM IST
Adenovirus in Bengal : पश्चिम बंगाल में एडिनोवायरस का खौफ जारी है। दो अलग-अलग शहरों में तीव्र श्वसन संक्रमण की वजह से तीन बच्चों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी दी गई है कि शनिवार से अब तक 3 बच्चों की एडिनोवायरस की वजह से मौत हो गई है। यह काफी चिंता का विषय बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के मुताबिक, हावड़ा के उदयनारायणपुर में नौ महीने की बच्ची की डॉ बीसी रॉय पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ पीडियाट्रिक साइंसेज अस्पताल में मौत हो गई। खबरों की मानें तो बच्ची की मौत का जिम्मेदार परिजन अस्पताल वालों को ठहरा रहे हैं। वहीं, दो अन्य बच्चे की उम्र आठ माह और 1.6 साल की बताई जा रही है। बता दें कि इससे पहले 22 फरवरी को 13 साल की बच्ची की मौत अस्पताल में एडिनोवायरस की वजह से मौत हो गई थी।
एडिनोवायरस एक वायरस है, जिसकी वजह से शरीर में हल्के और गंभीर संक्रमण के लक्षण नजर आते है। इससे प्रभावित मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती है। इस वायरस की चपेट में किसी भी उम्र के लोग आ सकते हैं। हालांकि, बच्चों के लिए यह अधिक गंभीर बताई जा रही है।
सीडीसी की रिपोर्ट्स के मुताबिक, एडिनोवायरस का सबसे अधिक खतरा 5 साल से कम उम्र के बच्चों को है। क्योंकि इस उम्र के बच्चों की इम्यूनिटी काफी ज्यादा कमजोर होती है। इसलिए वे एडिनोवायरस की चपेट में जल्दी आ जाते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य रूप से यह वायरस नवजात शिशु और छोटे बच्चों की केयर के समय फैलता है। क्योंकि इस दौरान बच्चे की साफ-सफाई की जाती है। साथ ही इसके बाद दूसरे बच्चों को छू लेते हैं। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। बच्चों में एक-दूसरे के संपर्क में आने से यह काफी तेजी से फैल सकता है।
इसके साथ ही क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि छोटे बच्चे खेलते समय खिलौने अपने मुंह में डाल लेते हैं। ये खिलौने इधर-उधर फेंके होते हैं। ऐसे में इन खिलौनों में गंदगी होती है, जिसके संपर्क में आने की वजह से बच्चा एडिनोवायरस की चपेट में आ सकता है। इसलिए अपने बच्चों को गंदी चीजें या फिर खराब पड़े खिलौने को मुंह में न डालने दें।
छोटे बच्चों में एडिनोवायरस के लक्षण काफी सामान्य नजर आते हैं। ऐसे में इन सामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करने से बचें। आइए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में-
Disclaimer : बच्चों में इस तरह के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। ये गंभीर लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, इस बात का भी ध्यान रखें कि इस तरह के लक्षण बड़ों में भी नजर आ सकता है। इसलिए इस तरह की परेशानी होने पर नजरअंदाज करने से बचें। साथ ही हार्ट के मरीज अपना विशेष ध्यान रखें।