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हाल ही में 22 देशों में हुए सर्वेक्षण में हुआ यह भावनात्मक खुलासा । © Shutterstock.
घर से दूर रहकर कितने भी ऐशो-आराम जुटा लीजिए, लेकिन घर वाली फील नहीं आ पाती है। 35% लोगों का ऐसा ही मानना है। ये ऐसे लोग हैं, जो पढ़ाई या रोजगार के लिए घर से दूर रह तो रहे हैं लेकिन महसूस करते हैं कि यहां घर वाली बात नहीं है। घर से बाहर रहने वाले 33% लोगों को सुरक्षा की तो 27% लोगों को प्राइवेसी की चिंता सताती रहती है। खास बात तो ये है कि ऐसा मानने वाले लोगों का आंकड़ा 20% था। यानी ऐसा अलगाव महसूस करने वाले लोगों की संख्या 2 साल में 15% तक बढ़ी है। ये आंकड़े एक फर्नीचर कंपनी की ओर से कराए गए एक अध्ययन से सामने आए हैं।
ये था विषय
अध्ययन का विषय था कि घर से दूर रहने पर कोई व्यक्ति कैसा महसूस करता है। अध्ययन में 22 देशों के 22 हजार लोगों को शामिल किया गया था। इन 22 देशों में भारत भी शामिल था। अध्ययन में लोगों ने यह भी कहा कि उन्हें नए घर में मानसिक सुकून नहीं मिल पाता और इसके लिए वो अकेले रहना पसंद करते हैं।
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अकेलापन भी है पसंद
72% लोगों ने कहा कि जब वो मानसिक परेशानी महसूस करते हैं तो बेडरूम में अकेले बैठना पसंद करते हैं। 45% लोगों ने ऐसे में अकेले लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाने की बात स्वीकार की, जबकि 55% लोगों ने माना कि वो खुद को बाथरूम में लॉक कर लेते हैं। यह भी पढ़ें - फैमिली के साथ खाना हो बाहर, तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान
बदलते रहते हैं घर
अमेरिका और यूरोप के लोग जिंदगी में औसतन 11 बार घर बदलते हैं। हालांकि एशिया में ये आंकड़ा कम है। वहीं एक अन्य रिसर्च के मुताबिक- एशिया के लोग जिंदगी में औसतन 5 से 6 बार अपना घर शिफ्ट करते हैं। घर से बाहर रहने वाले 33% लोगों को सुरक्षा की तो 27% लोगों को प्राइवेसी की चिंता सताती रहती है। 53% लोगों ने स्वीकार किया कि नए शहर में बसाए गए अपने घर में उन्हें अपनत्व का भाव नहीं आता। यहां वो कितने भी संसाधन जुटा लें, लेकिन ये सब अपना नहीं लगता।
परिवार ही है दिल के करीब
लोगों से ये सवाल भी किया गया कि वो किसके साथ सबसे ज्यादा अपनापन महसूस करते हैं? जवाब में 57% लोगों ने परिवार का नाम लिया। 34% लोगों ने कहा कि उन्हें दोस्तों के साथ सबसे ज्यादा अपनापन महसूस होता है। अन्य लोगों ने कहा कि उन्हें किसी के साथ अपनापन महसूस नहीं होता है।
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ये भी है नया ट्रेंड
अध्ययन से ये भी पता चला कि अपने घर को ही वर्कप्लेस के तौर पर इस्तेमाल करने का ट्रेंड बढ़ रहा है। 25% लोगों ने कहा कि वे ऑफिस जॉब की तुलना में वर्क फ्रॉम होम ही करना पसंद करते हैं और अक्सर इस तरह का काम लेते रहते हैं। 24% लोगों को कोई भी ऐसी चीज अपनी नहीं लगती, जो उन्होंने घर से बाहर रहते हुए जुटाई है।