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RT-PCR की इस एक किट से हो पाएगी 7 बीमारियों की जांच, मरीजों की जान बचाने में मिलेगी मदद

एक कंपनी ने मानसून के मौसम में फैलने वाली बीमारियों के प्रकोप को देखते हुए एक और किट बनाई है। इस किट से सात बीमारियों का पता किया जा सकता है और दो घंटे में ही रिपोर्ट भी मिल सकती है।

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Written By: Atul Modi | Published : July 16, 2022 1:22 PM IST

पुणे में मौजूद माय लैब डिस्कवरी सॉल्यूशन नाम की कंपनी ने एक ऐसी आरटी-पीसीआर किट को तैयार किया है, जिसके माध्यम से मानसून में फैलने वाली बीमारियों की जांच की जा सकती है। कंपनी का कहना है कि इस किट का प्रयोग करके मरीज डेंगू , जीका, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि जैसी बीमारियों का टेस्ट करके दो घंटे के अंदर अंदर रिपोर्ट ले सकता है। यह किट भारत जैसे बड़ी जनसंख्या के देशों के लिए काफी लाभदायक रहने वाली है।

मानसून के मौसम में मच्छरों और बैक्टीरिया से होने वाली बीमारियां बहुत ज्यादा फैलने लगती हैं। इन बीमारियों में से कुछ बीमारियां हैं: डेंगू, मलेरिया और चिकन गुनिया आदि। किट के प्रयोग से इन बीमारियों के बीच का अंतर भी पता किया जा सकता है। यह पहली भारतीय कंपनी है जिसने ऐसा रैपिड एंटीजन टेस्ट किट बनाया है।

इनमें से कुछ बीमारियों के नतीजे सटीक नहीं आ पा रहे है और इस समय कंपनी के सामने यही चुनौती बड़ी है। बता दें कि हर साल वेक्टर के कारण दुनिया के 17% लोग बीमार होते हैं। इनमें से लगभग सात लाख लोग तो जीवित भी नहीं बच पाते हैं।

भारत बायोटेक बना रहा है जीका का टीका

जीका वायरस भी मच्छरों के कारण ही फैलता है और खुशी की बात यह है कि इस बीमारी को ठीक करने के लिए वैक्सिन भी जल्द ही उपलब्ध हो सकेगी। भारत बायोटेक कंपनी जिसने कोविड वैक्सिन को बनाया था, ने ही जीका के टिक्के को बनाने का जिम्मा लिया है। इस दवाई को जांचने के लिए फिलहाल कंपनी इसका दूसरा क्लिनिकल ट्रायल कर रही है।

जीका नाम की बीमारी एडीज नाम के मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर दिन के समय ज्यादा देखे जाते हैं। इस बीमारी की गंभीरता बहुत अधिक होती है और इसके कारण कई बार हॉस्पिटल में एडमिट होने तक की नौबत आ जाती है।