ड्रग ट्रायल में चमत्कार! हर मरीज से खत्म हुआ ये वाला कैंसर, शोधकर्ताओं को मिली बड़ी कामयाबी

शोधकर्ताओं ने एक ऐसी दवा तैयार की है, जो इस कैंसर को 100 फीसदी तक खत्म करने की शक्ति रखती है। जानिए कौन सी है ये दवा।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : June 8, 2022 12:37 PM IST

विज्ञान के क्षेत्र में रोजाना नए-नए चमत्कार होते हैं और हाल ही में शोधकर्ताओं ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जी हां, शोधकर्ताओं ने रेक्टल कैंसर (rectal cancer) के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है क्योंकि उन्होंने एक ऐसी नई दवा इजात की है, जो इस बीमारी के उपचार में 100 फीसदी तक प्रभावी पाई गई है। आइए जानते हैं कौन सी है ये दवा और किस तरीके से करती है काम।

18 मरीजों पर हुआ ट्रायल

न्यू यार्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक क्लीनिकल ट्रायल में करीब 6 महीने तक डोस्टरलिमाब (Dostarlimab) नाम की दवा का 18 मरीजों पर ट्रायल किया गया और जब ये ट्रायल समाप्त हुआ तो ये पाया गया कि सभी में ट्यूमर लगभग-लगभग खत्म हो गया।

क्या है डोस्टारलिमाब (what is Dostarlimab)

डोस्टारलिमाब एक ऐसी दवा है, जिसमें लैब द्वारा मॉलीक्यूल्स को बनाया जाता है और ये इंसानी शरीर में जाकर एंटीबॉडी के विकल्प के रूप में काम करते हैं।

कैसा रहा ड्रग ट्रायल

इस अध्ययन के दौरान मरीजों ने छह महीने तक हर तीन सप्ताह में डोस्टारलिमाब ली थी। अध्ययन के दौरान डॉक्टर्स ने मरीजों की शारीरिक जांच, एमआरआई स्कैन और पीईटी स्कैन सहित ढेर सारे फॉलो अप टेस्ट भी किए। इस अध्ययन को दवा निर्माता कंपनी ग्लैक्सोस्मिथकेलाइन द्वारा किया गया था। ये अध्ययन न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में 6 जून को प्रकाशित हुआ था।

कैंसर के इतिहास में बड़ी सफलता

न्यू यार्क के मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर के प्रोफेसर डॉ. लुईस ए. डियाज जे का कहना है कि कैंसर के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। उन्होंने अध्ययन के बारे में बताते हुए कहा कि मेरा मानना है कि कैंसर के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है।

इन परिणामों का शिकार हुए मरीज

इस क्लीनिकल ट्रायल में मरीजों ने अपने कैंसर को खत्म करने के लिए अतीत में अलग-अलग भयंकर उपचारों का सामना किया, जिसमें कीमोथेरेपी, रेडिएशन और इनवेसिव सर्जरी शामिल है। इन उपचार विकल्पों के परिणामस्वरूप बाउल, यूरिनरी और स्तंभनदोष जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा।

अब आगे क्या

ये 18 मरीज अब अगले कदम के लिए एक दूसरे ट्रायलब से होकर गुजर सकते हैं। हालंकि अब इन्हें किसी विशेष उपचार की जरूरत नहीं है।

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