बच्चों को कफ सिरप देते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

सर्दी और खांसी जैसी परेशानी में अगर आप भी अपने बच्चों को कफ सिरप देते हैं, तो आपके लिए ये जानना जरूरी हैं कि बच्चों को कफ सिरप देते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (Baccho ko Cough Syrup lete samay kin baton ka dhyan rakna chaiye)?

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Written By: Ashu Kumar Das | Updated : October 6, 2025 12:31 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Sandeep Belpatre

मध्य प्रदेश, राजस्थान और तमिलनाडु में कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। इन सभी की उम्र एक से 5 साल के बीच है। खांसी की दवा यानी की कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत के बाद पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। एमपी के ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्या ने कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने दोनों कफ सिरप (coldrif व Nextro DS) का प्रोडक्शन रुकवाने के लिए तमिलनाडु और हिमाचल को पत्र लिखा है। एक तरफ कफ सिरप के कारण हुई मौतों की सरकार जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ ये मामला जागरूकता की ओर इशारा करता है। बदलते मौसम में अगर आप भी अपने बच्चों को कफ सिरप देते हैं, तो आपके लिए ये जानना जरूरी है कि बच्चों को कफ सिरप देते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (Baccho ko Cough Syrup lete samay kin baton ka dhyan rakna chaiye)।

पुणे के बेलपत्रे चाइल्ड क्लीनिक पर प्रैक्टिस कर रहे डॉ. संदीप बेलपत्रे बताते हैं कि पेरेंट्स अक्सर वायरल इंफेक्शन के कारण होने वाली खांसी और सर्दी में बच्चों को कफ सिरप देते हैं। लेकिन बच्चों को कफ सिरप हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही देना चाहिए। कफ सिरप देते समय कुछ गलतियां की जाए, तो ये बच्चों को फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकती हैं। आइए डॉ. संदीप बेलपत्रे से जानते हैं, बच्चों को कफ सिरप देते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. डॉक्टर की सलाह है जरूर

कफ सिरपहमेशा बच्चे की उम्र, वजन और खांसी के प्रकार के अनुसार दिया जाता है। इसलिए कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों को कफ सिरप नहीं देना चाहिए। बच्चों को गलत सिरप देने से खांसी की परेशानी समस्या बढ़ सकती है। इतना ही नहीं, गलत कफ सिरप के कारण बच्चा शारीरिक तौर पर सुस्त भी पड़ सकता है।

2. डोज का दें ध्यान

हर सिरप की मात्रा बच्चे के वजन और उम्र के अनुसार तय की जाती है। आमतौर पर 1-2 साल: 2.5 ml, 3-5 साल: 5 ml और 6-12 साल: 5-10 ml कफ सिरप की सलाह दी जाती है। इसलिए अपने बच्चे की उम्र और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही कफ सिरप की डोज दें।

3. ड्रॉपर इस्तेमाल करें

कई माता-पिता सामान्य चम्मच से सिरप पिला देते हैं, जबकि इससे मात्रा गलत हो सकती है। इसलिए बच्चों को हमेशा कफ सिरप या कोई भी अन्य दवा ड्रॉपर या कप ही उपयोग करें। कफ सिरप की ओवरडोज बच्चे के लिवर और शरीर के अन्य अंगों के लिए हानिकारक हो सकती है।

4. सिरप की बोतल हिलाकर दें

अक्सर सिरप की सामग्री नीचे बैठ जाती है, इसलिए बोतल को हल्के से शेक करना जरूरी है ताकि दवा समान रूप से मिले। बच्चों को कफ सिरप पिलाने से पहले बोतल को अच्छे से शेक कर लें, ताकि सभी सामग्री आपस में मिल जाए।

5. बच्चे को सिरप देने के बाद पानी न दें

कुछ कफ सिरप का स्वाद कड़वा होता है। ऐसे में पेरेंट्स बच्चों को कफ सिरप पिलाने के तुरंत बाद पानी पिला देते हैं। डॉ. संदीप बेलपत्रे के अनुसार, कफ सिरप देने के बाद तुरंत पानी देने से उसका असर कम हो सकता है। बच्चों को सिरप देने के बाद 15-20 मिनट तक पानी देने से बचना चाहिए।

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