कोरोना से सही हुए मरीजों को हो रहे हैं ये 3 पर्मानेंट साइड इफेक्ट, साथ ही डॉक्टर्स ने कही है ये बड़ी बात

कोरोना वायरस न सिर्फ लोगों को संक्रमित कर रहा है बल्कि मरीजों की बुरी तरह कमर भी तोड़ रहा है। कोरोना मरीज संक्रमित होने के बाद इलाज करा रहे हैं और सही भी हो रहे हैं। हमारे देश का रिकवरी रेट भी काफी सही हो गया है। लेकिन समस्या यह है कि संक्रमित लोगों में सही होने के बाद भी कुछ साइड इफेक्ट ऐसे हैं जो पर्मानेंट हो सकते हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : October 30, 2020 12:01 PM IST

कोरोना वायरस न सिर्फ लोगों को संक्रमित कर रहा है बल्कि मरीजों की बुरी तरह कमर भी तोड़ रहा है। कोरोना मरीज संक्रमित होने के बाद इलाज करा रहे हैं और सही भी हो रहे हैं। हमारे देश का रिकवरी रेट भी काफी सही हो गया है। लेकिन समस्या यह है कि संक्रमित लोगों में सही होने के बाद भी कुछ साइड इफेक्ट ऐसे हैं जो पर्मानेंट हो सकते हैं। हाल ही में हुई एक रिसर्च में कहा गया है कि थकान, लंग्स व किडनी डैमेज और सांस लेने में कठिनाई होना कोरोना वायरस के कुछ कॉमन लक्षण है। लेकिन इनसे इतर कुछ साइड इफेक्ट ऐसे हैं जो मरीजों में लंबे समय तक दिख सकते हैं। तो आइए जानते हैं क्या हैं वो 3 साइड इफेक्टस-

1. कोविड से उभर चुके मरीजों को अलग अलग तरह की स्किन प्रॉब्लम हो रही है।

2. कोराना संक्रमित कुछ मरीजों में पर्मानेंट बहरेपन की भी समस्या देखने को मिल रही है।

3. करीब 80 स्टडी में यह साफ हो चुका है कोरोना वायरस इंसान के मस्तिष्क को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है।

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सिकुड़ रही श्वास नलिकाएं

चिकित्सकों की माने तो जब भी शरीर में कोई संक्रमण होता है, चाहे वो कोविड से संबंधित हो या कोई और हो, श्वास नलिकाओं से सूजन आ जाती है। अन्य संक्रमण होने पर उपचार के दौरान यह सूजन ठीक हो जाती है और फेफड़े भी पूरी तरह रिकवर हो जाते है। लेकिन कोविड न्यूमोनिया में ऐसा देखने में आ रहा है कि यह सूजन ठीक होकर फाइब्रोसिस में बदल रही है। यानी कि श्वास नलिकाएं फाइब्रोसिस के कारण सिकुड़ रही हैं, जो संभवत फेफड़ों में स्थाई रूप से रह जाएगा और ऐसे मरीजों को भविष्य में फेफड़ों संबंधित व्यायाम व उपचार पर हमेशा निर्भर रहना पड़ सकता है।

एक मरीज को हुआ गैंग्रीन

कोविड के कारण एक मरीज के पैर में गैंग्रीन भी हुआ है। कोविड मरीज में फेफड़ों का संक्रमण वेस्क्यूलर भाग को प्रभावित करता है। इससे फेफड़ों की रक्त नलिकाओं में धक्का जम जाता है। यह धक्का जब फेफड़ों की रक्त नलिकाओं से सरक कर शरीर के अन्य अंगों में पहुंच कर उन अंगों की ब्लड सप्लाई कोब्लॉक कर देता है। इससे मरीज के पैर की नलिकाओं में धक्का जमने से ब्लड सप्लाई रूकने से पैर काला पड़ गया।

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इम्युनिटी को रखें स्ट्रॉंग

कोरोना से बचाव के लिए या जल्दी रिकवरी के लिए इम्युनिटी को मजबूत रखना बहुत जरूरी है। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए नेचुरल तरीके अपनाएं। जैसे कि ताजा गरम खाना खाए, गुनगुना पानी पीएं, घर का बना काढ़ा लें और जंक फूड आदि से दूर रहें। इन दिनों एयरकंडीशंड का इस्तेमाल कम करें और नियमित रूप से योग व एक्सरसाइज करें।