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कोरोना मरीजों में दिख रहे हैं ये 3 मुख्य लक्षण
पूरी दुनिया को अपना गुलाम बना चुका कोरोनावायरस लगातार विकराल रूप में रहा है। भारत में पिछले तीन दिनों में 1 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि अच्छी बात यह है कि अब मरीज जल्दी-जल्दी रिकवर भी कर रहे हैं। इसका कारण यह है कि अब संक्रमित लोगों में बहुत मामूली लक्षण दिख रहे हैं जो थोड़ी सतर्कता और इलाज के दौरान काबू में आ रहे हैं। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने अपनी एक स्टडी में कहा है कि नए कोरोना मरीजों में कुछ लक्षण हैं जो बहुत ही कॉमन हैं। इनमें खांसी, बुखार और सांस में रुकावट शामिल हैं।
गुरुवार को प्रकाशित सीडीसी अध्ययन में 16 राज्यों के 164 ऐसे लोग शामिल थे जो 14 जनवरी और 4 अप्रैल के बीच कोरोनो पॉजीटिव पाए गए थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि 96% रोगियों में बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ की समस्या थी। जबकि 45% लोगों में अन्य लक्षणों के साथ ये 3 लक्षण भी शामिल थे। कोरोनोवायरस रोगियों में दिखने वाले अन्य लक्षणों में ठंड लगना, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, थकान और पाचन संबंधी समस्याएं जैसे मतली, पेट में दर्द, उल्टी या दस्त सहित अन्य लक्षण भी दिखते हैं।
इस समय पूरी दुनिया जल्द से जल्द कोरोना की वैक्सीन बनाने पर काम कर रही है। कुछ ने तो क्लिनिकल ट्रायल में भी सफलता हासिल कर ली है। खबर है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने अपना पहला ह्यूमन ट्रायल पूरा कर लिया है। इस मानवीयर परीक्षण में उसे सफलता हासिल हुई है। ऑक्सफोर्ड को यकीन है कि उनकी वैक्सीन सफल रहेगी और वे सितंबर 2020 तक इस वैक्सीन को लोगों के लिए उपलब्ध करा देंगे। ह्यूमन ट्रायल के लिए कुछ लोगों की जरूरत होती है, ताकि पता लगाया जा सके कि वैक्सीन कितनी कारगर है, इसके कोई साइड एफेक्ट्स तो व्यक्ति पर नजर नहीं आ रहे हैं। कई बार इसमें व्यक्ति की जान को भी खतरा रहता है। इस कार्य को करने के लिए कई वॉलंटियर्स की जरूरत पड़ती है। भारत मूल के जयपुर के रहने वाले दीपक पालीवाल ने अपनी जान को दांव पर लगा दिया, ताकि कोरोना की वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल हो सके।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने क्लिनिकल ट्रायल की शुरुआत की तारीख 16 अप्रैल रखी गई थी। स्क्रीनिंग भी किया जाना था। दीपक सभी शुरुआती जांच में फिट पाए गए थे। उसके बाद उन्हें वैक्सीन लेने के लिए कहा गया। उनसे पूछा गया कि वो इसके लिए तैयार हैं या नहीं? दीपन ने इसके लिए अपनी सहमति जताई थी। उसके बाद ही उन्हें वैक्सीन दी गई। उन्हें तीन घंटे निगरानी में रखा गया। तीन घंटे के अंदर शरीर में रिएक्शन और प्रतिक्रियाएं नजर आने लगती हैं। वैक्सीन लेने के बाद शरीर में महसूस होने वाले लक्षणों पर गौर किया जाता है। कुछ दिनों बाद एक टेस्ट किया जाता है, ताकि पता चल सके शरीर में एंटी-बॉडी बन रही है या नहीं। फिलहाल, दीपक पर कोरोना वैक्सीन का सफल परीक्षण हो गया है और वह पूरी तरह से ठीक हैं।