चमगादड़ों में सैकड़ों किस्म के हैं कोरोना वायरस, भविष्य में मचा सकते हैं तबाही

अमेरिका यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न केलीफोर्निया की प्रोफेसर पाउली केनन ने कोरोना वायरस पर रिसर्च किया है, जिसमें हैरान करने वाली बातों का भी खुलासा हुआ। यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर मौजूद एक खबर के अनुसार, कोरोना वायरस (Research on Coronavirus) और पिछले दशक में कई संक्रामक बीमारियों का संबंध वन्यजीवों से है।

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Written By: Kishori Mishra | Updated : April 25, 2020 9:24 AM IST

कोरोना वायरस (Coronavirus) दुनियाभर में महामारी का रूप ले चुका है। इस वायरस को लेकर अबतक कई रिसर्च (Research on Coronavirus) किए जा चुके हैं और कई रिसर्च अभी भी किए जा रहे हैं। इसे लेकर अबतक जितने भी रिसर्च हुए हैं, उनमें कहा गया है कि इस भयावह वायरस की उत्पत्ति चमगादड़ से ही हुई है। चीन में भी हुए रिसर्च में यही बात सामने आई थी। अब इसे लेकर अमेरिका में शोध किया गया है।

अमेरिका यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न केलीफोर्निया की प्रोफेसर पाउली केनन ने कोरोना वायरस पर रिसर्च किया है। इसमें हैरान करने वाली बातों का भी खुलासा हुआ। यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर मौजूद एक खबर के अनुसार, कोरोना वायरस (Research on Coronavirus) और पिछले दशक में कई संक्रामक बीमारियों का संबंध वन्‍यजीवों से है।

ऐसी परिस्थिति आ सकती है दोबारा

इस बारे में यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर पाउला केनन ने कहा, "ये परिस्थितियां हमारे द्वारा ही पैदा की गई हैं, जिसमें कुछ ही समय के अंदर कई लोग मारे गए हैं। ऐसी परिस्थिति कुछ समय बाद दोबारा आ सकती है।" वैज्ञानिक अभी तक इस निष्कर्ष पर नहीं आए हैं कि ये नोबेल कोरोना वायरस कैसे लोगों तक पहुंचा, लेकिन उनका मानना है कि कोरोना वायरस घोड़े की नाल के आकार के चमगादड़ों से फैला है।

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केनन के अनुसार, रिसर्च में इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि कोरोना वायरस चमगादड़ (Bat) से ही इंसान में फैला है और फिर इंसानों से पूरी दुनिया में फैल चुका है। इनके रिसर्च में वहीं बाते निकलकर आई हैं, जो कई अन्य रिसर्च में आ चुकी हैं। कैनन के मुताबिक, चीन के वुहान शहर के मीट मार्केट से इंसानों में वायरस फैला। बता दें कि इस मार्केट में जिंदा वन्‍यजीव बेचे जाते थे और यह चीन का सबसे बड़ा मीट मार्केट माना जाता है। रिसर्च में कहा गया कि इसी तरह के संक्रमण कुछ साल पहले मर्स और सार्स फैले थे। इन वायरस के फैलने की वजह भी जानवर ही थे।

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रिसर्च में बताया गया है कि मर्स वायरस चमगादड़ों से पहले ऊंटों में फैला और ऊंटों से इंसानों तक पहुंचा। वहीं, सार्स वायरस चमगादड़ से बिल्लियों में फैला और बिल्लियों से इंसानों तक पहुंचा। रिसर्च टीम के वैज्ञानिक इस बात को लेकर एक मत रखते हैं कि इबोला वायरस भी चमगादड़ों से ही इंसानों में फैला है। इबोला वायरस की वजह से ही अफ्रीका में वर्ष 1976, 2014 और 2016 में कई लोगों की मौत हुई थी। केनन के अनुसार, रिसर्च में उन्‍हें कोरोना वायरस के ऐसे कई जेनेटिक कोड मिले हैं, जो चमगादड़ों में पाए जाते हैं।

चमगादड़ में सैंकड़ों किस्म के कोरोना वायरस

हालांकि, इस बात को लेकर केनन अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं कि पैंगोलिन सीधेतौर पर इसके संपर्क में आए हैं या फिर उन्‍हें ये वायरस चमगादड़ों से मिला है। रिसर्च की मानें तो चमगादड़ में सैकड़ों किस्‍म के कोरोना वायरस पाए जाते हैं। रिसर्च में इस बात की भी आशंका जताई गई है कि भविष्‍य में कई और ऐसे कोरोना वायरस हैं, जो इंसानों को संक्रमित कर सकते हैं। हालांकि, ऐसा सिर्फ 100 वर्षों में एक बार ही होता है, लेकिन अगर ये वायरस फैले, तो जंगल की आग की तरह पूरी दुनिया में फैल जाएगा।

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