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Written By: Atul Modi | Updated : September 2, 2021 8:02 PM IST
भारत सरकार कोरोना की तीसरी लहर (Covid-19 Third Wave) को लेकर लगातार राज्यों को चेतावनी दे रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों का अनुमान है कि, सितंबर और अक्टूबर महीने के बीच कोरोनावायरस की तीसरी लहर आ सकती है। उधर केरल में लगातार बढ़ते कोरोनावायरस के मामले चिंता का कारण बने हुए हैं। अकेले केरल (Kerala News) राज्य से ही कोरोना के 60% से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, जबकि कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या अकेले केरल में 15 से 20% है। ऐसे में विशेषज्ञों का यह अनुमान है कि केरल भारत में तीसरी लहर का कारण बन सकता है।
अगर आंकड़ों की बात करें तो केरल की स्थिति भयावह बनी हुई है। केरल में पिछले दो हफ्तों से प्रतिदिन 25 से 30000 मामले सामने आ रहे हैं। केरल में बकरीद और ओणम पर्व में मिली छूट के बाद से कोरोना संक्रमितो की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। केरल के 14 जिलों में से 7 जिले ऐसे हैं जहां कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं इनमें सर्वाधिक एर्नाकुलम, त्रिशूल, कोझीकोड, मल्लपुरम, पलक्कड़, कोल्लम और कोट्टायम जिला शामिल है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, केरल राज्य में आज कोरोनावायरस के 32,097 नए मामले सामने आए हैं जबकि 188 लोगों की मौत हुई है, वही 21,634 मरीज ठीक होकर अपने घर गए राज्य में अभी भी 2,40,186 सक्रिय मामले हैं। केरल में टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 18.41% है।
विशेषज्ञों की मानें तो केरल में कोरोना विस्फोट होने की एक बड़ी वजह यह है कि, यहां की एक बड़ी आबादी जो अभी कोरोना से संक्रमित नहीं हुई है, जिसके होने की संभावना है। दूसरी वजह यह बताई गई कि, यहां अनलॉक की प्रक्रिया में कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन नहीं किया गया है। तीसरी बड़ी वजह यह है कि केरल में कोरोना की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और कंटेंटमेंट जोन का नहीं होना। और चौथी सबसे बड़ी वजह है की राज्य सरकार द्वारा बकरीद के दौरान लॉकडाउन में ढील देना, बकरीद के बाद से राज्य में कोरोना का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।