तेलंगाना में डॉक्टरों ने एक महिला की जान बचाने के लिए काटकर निकाला उसका पेट, साल भर पहले पी लिया था टॉयलेट क्लिनर

मिली जानकारी के मुताबिक, इस महिला ने पिछले साल नवंबर 2019 में टॉयलेट क्लीनर का सेवन किया था। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। (Telangana Women Stomach Removal)

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Published : December 15, 2020 11:12 AM IST

Telangana Women Stomach Removal: तेलंगाना के एक निजी अस्पताल में विशेषज्ञों की एक टीम को एक महिला की जान बचाने के लिए उसका पूरा पेट काटकर निकालना पड़ा। मिली जानकारी के मुताबिक, इस महिला ने पिछले साल नवंबर 2019 में टॉयलेट क्लीनर का सेवन किया था। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस महिला का नाम मंजुला है और इसकी उम्र  39 वर्ष बतायी जा रही है। अवेयर ग्लोबल हॉस्पिटल्स ( Aware Global Hospitals) के डॉक्टरों ने इस महिला की जान बचाने के लिए मंजुला का पेट निकाल दिया। खम्मम की गृहिणी ने नवंबर 2019 में टॉयलेट क्लीनर का सेवन किया था, जिससे उसके पेट को स्टेज-4 का नुकसान हुआ था। (Telangana Women Stomach Removal)

महिला के पेट को निकाल कर बचायी गयी जान

मिली जानकारी के मुताबिक इस महिला के आंतरिक अंगों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा था। जिसके बाद वह इलाज के लिए कई अस्पतालों में गयी। लेकिन, वहां कोई आराम नहीं मिल पाने के वह महिला अंतत:  अवेयर ग्लोबल हॉस्पिटल्स में गई। अस्पताल में  कंसल्टेंट गैस्ट्रो सर्जन डॉ. भूपति राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम ने महिला का 6 महीने से अधिक समय तक इलाज किया, ताकि उसकी हालत सर्ज़री के लिहाज से सही रहे। इलाज के दौरान, पीड़ित महिला को पेट के हिस्से के नीचे और उसके पाचन तंत्र से जुड़े एक अंदरूनी अंग में बाहरी पाइप के ज़रिए भोजन पहुंचाया जा रहा था।

समाचार एजेंसी आईएएएन द्वारा उपलब्ध करायी गयी जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों ने बताया कि मंजुला का गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट पूरी तरह ख़राब हो गया था। जिसकी वजह से  पीड़िता की जान खतरे में पड़ गयी थी और उसे बचाने के लिए उस महिला का पेट काटना पड़ा। डॉक्टरों नें  मरीज की हालत स्थिर होने तक सभी प्रकार की सावधानियां बरतीं  और जब 10 महीने बाद  स्थिति सर्जरी के अनूकूल बन गयी तो उसे सर्जरी के लिए तैयार किया गया। फिर, एक सर्ज़री के ज़रिए पीड़िता के पेट को काटकर निकाल दिया गया।

IANS से बात करते हुएडॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि, अब पीड़ित महिला पूरी तरह से ठीक हो गई है। वह अब मुंह के माध्यम से सामान्य तरीके से भोजन कर पा रही है। डॉक्टरों ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. मोहन से प्राप्त सहयोग से सफल होने की भी बात कही।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source