
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : July 28, 2021 3:30 PM IST
कोरोनावायरस की दूसरी लहर में भारत का बड़ा नुकसान तो हुआ ही है लेकिन साथ ही लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनने और सेनिटाइजर का मतलब भी पता चल गया है। कोरोना संक्रमण (Corona Infection) से बचने के लिए जितना जरूरी कोविड संबंधी प्रोटोकॉल को फॉलो करना है उतना ही वैक्सीन लगाना भी है। एक्सपर्ट और डॉक्टर्स कहते हैं कि जो लोग वैक्सीन लगा चुके हैं वो वैक्सीन न लगाने वालों की तुलना में काफी सेफ हैं। लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि इनमें कोरोना के लक्षण नहीं दिखेंगे, बल्कि ऐसे लोग फिर से कोरोना संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। हालांकि एक्सपर्ट कहते हैं कि वैक्सीन लगा चुके लोगों में कोरोना के लक्षण (Symptoms Of Coronavirus) बहुत हल्के दिख सकते हैं और इन्हें अस्पताल में भर्ती होने का रिस्क भी बहुत कम है। वैक्सीन लगा चुके लोगों में कोरोना के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक दिख सकते हैं। आइए जानते हैं जो लोग कोरोना वैक्सीन लगा चुके हैं उनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण (Corona Symptoms In Fully Vaccinated People) कैसे दिखते हैं।
सिर में दर्द
नाक बहना
छीकें आना
स्मैल का चले जाना
गले में दर्द होना
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार जो लोग कोरोना वैक्सीन लगा चुके हैं उनमें कोरोना के गंभीर लक्षण दिखना बहुत रेयर है। वहीं, जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगा ली है उन्हें अस्पताल में भर्ती होने और मौत का रिस्क उन लोगों की तुलना में काफी कम है जिन्होंने अभी तक वैक्सीन नहीं लगाई है। हालांकि कोरोना वैक्सीनलगा चुके लोगों को भी कोरोना के गंभीर लक्षण दिखने, अस्पताल में भर्ती होने और मौत का खतरा हो सकता है।
जो लोग वैक्सीन की दोनों डोज लगा चुके हैं वो खुद भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं और दूसरों को भी फैला सकते हैं। लेकिन CDC कहता है कि वैक्सीन लगा चुके लोगों को जहां फिर से संक्रमित होने का खतरा कम है वहीं ऐसे लोग एसिम्पटोमेटिक भी नहीं दिखेंगे। हालांकि वैक्सीन लगाने के बाद डेल्टा वेरिएंट से बचने की उम्मीद करना अभी सही नहीं होगा।
महिलाएं, 60 साल की उम्र से अधिक के लोग, बच्चे और किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को वैक्सीन लगाने के बाद भी संक्रमण हो सकता है। ZOE सिम्पटम स्टडी एप के अनुसार जो लोग 60 साल की उम्र के नीचे हैं और ओबेसिटी और अविकसित क्षेत्रों में आजीविका कमाते हैं, उनके कोरोना का टीका लगने के बाद संक्रमित होने की संभावना अधिक होती है।