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Written By: Jitendra Gupta | Published : July 25, 2022 10:25 AM IST
महाराष्ट्र में स्वाइन फ्लू से पहली मौत! जानें बच्चों और बड़ों में कितने दिन बाद दिखते हैं लक्षण
महाराष्ट्र में इस साल H1N1 वायरस ( स्वाइन फ्लू) से पहली मौत का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य अधिकारियों ने 10 जुलाई को पालघर जिले के तालासरी में एक नौ साल की आश्रमशाला की रहने वाली लड़की के इस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की थी, जिसकी मौत हो गई है। आश्रमशाला में कुछ लोगों को बुखार होने के बाद ये मामला सामने आया था, जिसके बाद राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने 224 बच्चों की जांच की थी, जिसमें से 13 को बुखार जैसे लक्षण थे।
शहर में H1N1 वायरस की वापसी के बाद मुंबई को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। बता दें कि इस वायरस से संक्रमित कम से कम चार लोग अभी भी लाइफ सपोर्ट पर हैं। H1N1 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर डॉक्टरों ने कोविड के मरीजों को ये सलाह दी है, अगर उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो उन्हें अपने डॉक्टर की सलाह पर स्वाइन फ्लू का टेस्ट कराना चाहिए क्योंकि शहर में इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है।
स्वाइन फ्लू और स्वाइन इंफ्लूएंजा एक प्रकार का श्वसन रोग है, जो कि H1N1 वायरस की वजह से होता है। इस वायरस का शिकार होने पर व्यक्ति को इंफ्लूएंजा वायरस से जूझना पड़ता है और व्यक्ति बुखार के साथ-साथ श्वसन तंत्र से प्रभावित होता है।
गंभीर मामलों में व्यक्ति निमोनिया का भी शिकार हो सकता है, जिसकी वजह से व्यक्ति की हालत गंभीर भी हो सकती है। स्वाइन फ्लू के कुछ लक्षणों में शामिल हैं अचानक शरीर का तापामन बढ़ जाना, जिसमें बॉडी टेम्परेचर 105 डिग्री तक पहुंच जाता है। गले में खराश के साथ-साथ लगातार सूखी खांसी रहना, सिरदर्द, लंबे वक्त तक थकान रहना, कमजोरी, हाथ-पैर ठंडे रहना, दस्त और उल्टी।
एक व्यक्ति के इस वायरस से संक्रमित होने पर सात दिन के बाद लक्षण दिखाई देते हैं जबकि बच्चों में 10 दिन के बाद स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देना शुरू होते हैं। ये फ्लू एक संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकनेसे फैलता है। ये वायरस हवा में फैल सकता है और छोटी-छोटी बूंदों के माध्यम से व्यक्ति को शिकार बनाता है। इस हवा के संपर्क में आने वाला हेल्दी व्यक्ति भी तुरंत संक्रमित हो सकता है।
इसलिए मास्क पहनें, हाथों को बार-बार धोएं और साफ-सफाई का ध्यान रखें ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।