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Monsoon Diseases In Mumbai: बरसात आने के साथ ही मुंबई में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और उसके साथ ही मौसमी बीमारियों के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। बता दें कि मुंबई में स्वाइन फ्लू (swinr flu in Mumbai) के कई मामलों की पुष्टि की गयी है जिसके बाद शहर में स्वास्थ्य इकाइयों द्वारा स्वाइन फ्लू के खतरे के प्रति लोगों को सचेत किया गया है। वहीं, मुंबई महानगरपालिका या बीएमसी (BMC) के आंकड़ों के अनुसार, इस बार की बरसात में स्वाइन फ्लू के मामले पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना अधिक बढ़ गए हैं। वहीं, दूसरी तरह कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा भी लगातार बना हुआ है। गैस्ट्रो (gastro) और डेंगू (dengue) के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों द्वारा मुंबई के अस्पतालों में एच1एन1 इंफ्लुएंजा या स्वाइन फ्लू के नये मामलों की संख्या में बढ़ोतरी की जानकारी दी गयी है। डॉक्टरो के अनुसार, शहर में बीते 15 दिनों में काफी तेजी से स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं। हालांकि, अधिकांश मामले कम गम्भीर या हल्के हैं और इसीलिए, उन मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं देखी गयी।
वहीं, महानगर में स्वाइन फ्लू यानि इन्फ्लुएंजा H1N1 के मामलों में आयी तेजी के बाद प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। बीएमसी द्वारा मंगलवार को स्वाइन फ्लू के हाई रिस्क ग्रुप के बारे में जानकारी दी गयी और लोगों से अपील की कि अगर उन्हें सांस फूलने या सीने में दर्द जैसी शिकायतें हों तो वे तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें और तुरंत इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती हो जाएं। बता दें कि,
स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए मुंबई से सटे ठाणे शहर में स्वाइन फ्लू के टेस्ट नि:शुल्क (Free swine flu test in Thane) कर दिए गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार ठाणे नगर निगम (टीएमसी) द्वार मंगलवार को यह घोषणा की गयी कि ठाणे शहर में लोग अब अपना स्वाइन फ्लू टेस्ट फ्री में करा सकते हैं।
टीएमसी द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी दी गयी कि ठाणे शहर में जुलाई 2022 में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 20 केसेस की पुष्टि की गयी। वहीं,जिले में 2 लोगों की मृत्यु स्वाइन फ्लू के कारण हो गयी। जबकि 15 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे गयी। मिली जानकारी के अनुसार, नगर पालिका की तरफ से शहर में उन इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे भी किया गया है जहां स्वाइन फ्लू के मामले अधिक पाए गए हैं। राहत भरी बात यह है कि सर्वे के दौरान इन क्षेत्रों में स्वाइन फ्लू का एक भी नया मरीज नहीं पाया गया। आंकड़ों के अनुसार, इस साल मुंबई सर्कल में आने वाले स्थानों में में 25 जुलाई तक स्वाइन फ्लू के 62 केसेस की पुष्टि की गयी। इनमें नजदीकी जिलों जैसे ठाणे (Thane), पालघर (Palghar) और रायगड (Raigad) के भी मामले शामिल हैं।
मिड-डे की रिपोर्ट के अनुसार मुंबई के सर जेजे हॉस्पिटल (Sir JJ Hospital) के मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रमुथ डॉ. मधुकर गायकवाड़ ने जानकारी दी कि, इस वर्ष मरीजों की संख्या में बहुत अधिक इजाफा देखा जा रहा है और बीते कुछ दिनों में डेंगू, मलेरिया और गैस्ट्रो के कई मरीज अस्पताल में आ रहे हैं। डेंगू और मलेरिया के मरीजों में जो लक्षण (symptoms of dengue) दिखायी दे रहे हैं उनमें तेज बुखार, बदन दर्द और तेज सिर दर्द जैसी समस्याएं काफी अधिक देखी जा रही हैं। वहीं, मलेरिया के मरीजों में ठंड साथ बुखार (fever with chills) की समस्या भी दिखायी दे रही है। जबकि, गैस्ट्रो (Gastro) के मरीजों में दिखने वाले लक्षण हैं-
मुंबई और आसपास के इलाकों में स्वाइन फ्लू के साथ-साथ डेंगू के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के महामारी विज्ञान सेल के आंकड़ों के मुताबिक,
शहर में गैस्ट्रो, लेप्टोस्पायरोसि और टाइफाइड जैसी मानसून से जुड़ी बीमारियों (risk of monsoon diseases) के खतरे को देखते हुए लोगों से सावधान रहने की अपील की गयी। डॉक्टरों द्वारा लोगों को सलाह दी गयी है कि वे बरसात में बाहर का खाना खाने से बचें। बीवाईएल नायर अस्पताल के डीन और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ प्रवीण राठी (Dr Pravin Rathi, dean of BYL Nair Hospital and head of department, gastroenterology) का कहना है कि, “गैस्ट्रो के मरीजों में से तकरीबन 20 फीसदी लोगों को गम्भीर लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है और इन लोगों को आराम मिलने में भी 3 से 4 दिनों का समय लग जाता है। ऐसे में लोगों को स्वस्थ रहने और बीमारियों से बचे रहने के लिए बाहर का खाना खाने से बचना चाहिए और ना ही बाहर दुषित पानी पीनाचाहिए।"
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