
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Published : May 8, 2024 12:33 PM IST
राजस्थान में स्वाइन फ्लू (Swine Flu) के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में पिछले एक महीने में स्वाइन फ्लू के एक हजार से भी ज्यादा मामलों की पुष्टि की जा चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जयपुर में स्वाइन फ्लू के 17 से ज्यादा और श्रीगंगानगर में 21 मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा, राज्य में पिछले एक महीने से लेप्टोपायरोसिस (Leptospirosis) के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। अभी तक लेप्टोस्पायरोसिस की 10 जिलों में 32 मामलों की पुष्टि की गई है। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्थिति से निपटने के लिए राज्य स्तरीय बैठकें भी की हैं। आइए, जानते हैं स्वाइन फ्लू और लेप्टोस्पायरोसिस के बारे में विस्तार से -
स्वाइन फ्लू या H1N1 एक संक्रमण है, जो एक प्रकार का फ्लू या इन्फ्लूएंजा वायरस पैदा करता है। यह एक संक्रामक श्वसन संक्रमण है और यह मौसमी फ्लू की तरह ही फैलता है। यह नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो बूंदें हवा में चली जाती हैं। सांस के माध्यम से वायरस अंदर चला जाता है, जिससे यह संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा, जब आप किसी दूषित सतह को छूने के बाद अपने मुंह, नाक या आंखों को छूते हैं, तो भी आपको संक्रमण हो सकता है।
लेप्टोस्पायरोसिस लेप्टोस्पाइरा बैक्टीरिया के कारण होने वाली बीमारी है। आपकी नाक, मुंह, आंखों में जानवरों के मल या मूत्र से दूषित पानी या मिट्टी जाने या आपकी त्वचा पर चोट लगने के बाद आपको लेप्टोस्पायरोसिस हो सकता है। लेप्टोस्पायरोसिस फ्लू जैसे लक्षण पैदा कर सकता है जो कम संख्या में लोगों में वेइल सिंड्रोम, एक जीवन-घातक बीमारी में बदल सकता है।