सुशी लवर हो जाएं सावधान, कच्‍ची मछली खाने से हो सकता है गंभीर संक्रमण

कच्‍ची मछली एवं अन्‍य समुद्री जीवों के कारण मनुुुुष्‍य के शरीर में पहुंचता है विब्रियो वुल्निफिशस संक्रमण।

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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 30, 2018 12:04 PM IST

हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुशी लवर्स के कान खड़े कर दिए हैं। दक्षिण कोरिया में सुशी खाने के बाद एक 71 वर्षीय आदमी के हाथ में गंभीर संक्रमण हो गया। विब्रियो वुल्निफिशस नाम का यह संक्रमण समुद्री जीवों में पाया जाता है, जो मनुष्‍य के शरीर में संक्रमित जीव को कच्‍चा खाने से पहुंचता है या खुले हुए घाव के संपर्क में आने से। इस संक्रमण से शरीर के अंग भीतर से सड़ने लगते हैं।

क्‍या है सुशी 

सुशी असल में एक प्रकार का जापानी व्‍यंजन है। जिसमें विनेगर राइस के साथ कच्‍ची मछली के टुकड़े परोसे जाते हैं। स्‍वाद को और बढ़ाने के लिए इसमें अन्‍य समुद्री जीवों को भी भोजन के रूप में परोसा जाता है। यह जापानी व्‍यंजन दुनिया भर में मशहूर हो गया है और इसके खट्टे स्‍पाइसी स्‍वाद के कारण लोग इसे चाव से खाते हैं।

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सुशी खाने के बाद दक्षिण कोरिया में इस तरह सड़ने लगा एक व्‍यक्ति का हाथ। © TheSun

सुशी खाने के बाद सड़ने लगा हाथ 

सुशी खाने के 12 घंटे बाद दक्षिण कोरिया के इस व्‍यक्ति के हाथ में तेज दर्द होने लगा और बुखार आ गया। दो दिन बाद जब दर्द के उस स्‍थान पर गहरे नीले, बैंगनी चकत्‍ते पड़ गए, तो वह चोनबुक नेशनल यूनिवर्सिटी अस्पताल पहुंचा। हथेली पर बने 4.5 सेमी के इन चकत्‍तों में खून और पीप भरी हुई थी।

ऐसे फैलता है संक्रमण

रोगी पहले से ही डायबिटीज टाइप 2 से पीडि़त था और उसका किडनी संबंधी इलाज भी चल रहा था। ऐसे में सर्जरी कर पाना भी मुश्किल था। इसके बावजूद मरीज को सर्जरी के लिए ले जाया गया। यहां टेस्‍ट में विब्रियो वुल्निफिशस संक्रमण की पहचान हुई। यह संक्रमण महासागर में पाए जाने वाले मांस खाने वाले बैक्टीरिया के कारण होता है। यह लोगों पर दो तरीकों से अटैक करता है। पहला संक्रमित समुद्री भोजन खाने से जो ठीक से पकाया न गया हो और दूसरा फ्रलेश ईटर बग के संपर्क में आने वाले खुले घाव से।

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ये हैं लक्षण

एक बार संक्रमित होने पर पीडि़त व्य;क्ति को दस्त,  क्रैम्पिंग,  मतली, उल्टी और बुखार आने लगता है। धीरे-धीरे यह त्वसचा को गला कर संक्रमित अंग के मांस को सड़ाना शुरू कर देता है।

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दी थी चेतावनी

पिछले साल डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि सुशी की लोकप्रियता के कारण कच्चे या ठीक से न पकी मछलियों को खाने से होने वाली बीमारियों में इजाफा हो रहा है। एक एनासाकिस परजीवी के रूप में जाना जाने वाला कीड़ा  पेट के भीतर पहुंच कर शरीर पर तुरंत रिएक्टि करना शुरू कर देता है। इस मामले में क्योंाकि पीडि़त व्यंक्ति का इम्यूुनिटी सिस्टहम पहले से ही प्रभावित था, इसलिए वह इस संक्रमण का मुकाबला नहीं कर पाया।

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रहें सावधान

फि‍लहाल पीडि़त व्यथक्ति की सर्जरी की जा चुकी है औ उन्हेंी गहन चिकित्सूकीय निरीक्षण में रखा गया है। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब सुशी खाने के बाद गंभीर संक्रमण की शिकायत आई है। डॉक्टणरों ने समुद्री जीवों में फैल रहे संक्रमण के कारण पहले ही इस तरह के खाने से परहेज की सलाह दी है।

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