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Written By: Anshumala | Updated : February 14, 2021 5:03 PM IST
Image credits by: As of 15 March, India’s total vaccination stands at 2,99,08,038
Side Effects of Corona Vaccine in Hindi: जब से भारत में हेल्थ वर्कर्स ने कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) लगवाना शुरू किया है, कुछ की मौत हुई है, तो कुछ में वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स नजर आए हैं। हाल ही में लोक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक सर्वेक्षण किया, जिसमें पता चला है कि वैक्सीनेशन के बाद साइड-इफेक्ट या 'रिएक्टोजेनसी' की संभावना 66 प्रतिशत हेल्थ वर्कर्स में होने की संभावना है। हालांकि, जो भी साइड इफेक्ट्स नजर आएंगे, वे सभी एक दिन के भीतर ही कम होने वाले हैं। इस सर्वेक्षण में 5,396 उत्तरदाताओं से प्रतिक्रियाएं ली गईं। कोविड टीके प्राप्त करने वाले सभी स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों में से 66 प्रतिशत ने टीकारकण (Vaccination) के बाद हल्के साइड-इफेक्ट (Side Effects of vaccine) होने की बात कही।
सर्वेक्षण में शामिल उत्तरदाताओं में टीकाकरण के बाद आम लक्षणों में माइएल्जिया (44 %), बुखार (34 %), सिरदर्द (28 %), इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द (27 %), जॉइंट पेन (12 %), मतली (8 %) और दस्त (3 %), जबकि थकावट (45 %) मुख्य रूप से नजर आए। अध्ययन ने कहा, "गले में खराश, अनिद्रा, एलर्जी, रैशेज, ठंड लगना, उल्टी, सिंकोप जैसे अन्य लक्षण 1 प्रतिशत या उससे कम दिखाई दिए। यह भी कहा गया कि उत्तरदाताओं द्वारा सूचित लक्षण इतने गंभीर नहीं थे कि उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़े। इसके अलावा, सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि 90 प्रतिशत मामलों में लक्षण या तो अपेक्षा से अधिक मामूली थे या वैक्सीन प्राप्तकर्ता की अपेक्षा के मुताबिक थे।
सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि अधिकांश उत्तरदाताओं में वैक्सीन के साइड इफेक्ट 24 घंटे से अधिक समय तक नहीं रहा। उत्तरदाताओं में से 37 प्रतिशत (1,225) ने बताया कि उनके लक्षण एक दिन से अधिक समय तक नहीं रहे, जबकि 31 प्रतिशत ने कहा कि उनके लक्षण 48 घंटे तक सुस्त रहे। वहीं, सिर्फ 6 प्रतिशत ने ही यह दावा किया कि उनके लक्षण 48 घंटे की अवधि तक रहे, जबकि सिर्फ 6 प्रतिशत ने 48 घंटे से ज्यादा समय तक लक्षण रहने की बात कही। सर्वेक्षण के शोधकर्ताओं में से एक इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव जयदेवन का कहना है कि सर्वेक्षण में से एक प्रमुख बात यह सामने आई है कि टीके सुरक्षित हैं और इससे डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर 5 हजार से अधिक लोगों ने टीका लेने के बाद और कोई गंभीर समस्या नहीं बताई, तो यह आश्वस्त करता है कि आम जनता वैक्सीन ले सकती है।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि उम्र और पोस्ट-टीकाकरण लक्षणों के बीच सहसंबंध था, जिसमें सुझाव दिया गया था कि उम्र के साथ वैक्सीन की प्रतिक्रियात्मकता में गिरावट आई है यानी उम्र बढ़ने के साथ लक्षण कम होने की संभावना है। लक्षणों को 20-29 वर्ष की आयु के उत्तरदाताओं में 81.34 प्रतिशत के साथ सबसे ज्यादा पाया गया। इसके बाद 30-39 वर्ष (79.57 प्रतिशत), 40-49 वर्ष (67.94 प्रतिशत), 50-59 वर्ष (58.23 प्रतिशत), 60-69 वर्ष (44.76 प्रतिशत), 70-79 वर्ष (33.73 प्रतिशत) और 80-89 वर्ष (7.43 प्रतिशत) रहे। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि सर्वेक्षण से प्राप्त निष्कर्ष यह दर्शाते हैं कोरोनावायरस का टीका सुरक्षित है और इससे होने वाले साइड इफेक्ट्स या दुष्प्रभाव प्रकृति में हल्के और थोड़े समय के लिए ही हैं।
स्रोत: (IANS Hindi)
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