
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : March 16, 2022 11:40 AM IST
लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में अब छोटे बच्चों का ऑपरेशन भी दूरबीन तकनीक से किया जाएगा, जिसमें बड़ा चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डॉक्टरों के अनुसार दूरबीन तकनीक से ऑपरेशन करते समय कोई चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती बस शरीर में एक या उससे अधिक छिद्र बनाए जाते हैं, जिनकी मदद से विशेष उपकरणों को अंदर डालकर सर्जरी प्रोसीजर की जाती है। दरअसल लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट में अभी तक आंत, अपेंडिक्स व मलद्वार से जुड़े रोगों के लिए किए जाने वाले ऑपरेशन को ओपन सर्जरी तकनीक से ही किया जा रहा था, जिसमें बड़ा चीरा लगाना पड़ता था। लेकिन अब दूरबीन तकनीक से ओपन सर्जरी से होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकेगा। कई बार छोटे बच्चों को गंभीर रोग हो जाते हैं, जबकि कुछ बच्चे विशेष बर्थ डिफेक्ट के साथ ही जन्म लेते हैं, जिनका इलाज सिर्फ ऑपरेशन की मदद से ही किया जा सकता है। दूरबीन तकनीक इसमें काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसकी मदद से बच्चों व उनके माता-पिता को कम परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
दूरबीन तकनीक सर्जरी का एडवांस प्रकार है, क्योंकि इसमें नई टेक्नोलॉजी वाले उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। यही कारण है कि इसमें लगने वाला समय ओपन सर्जरी से काफी कम होता है। साथ ही सर्जरी का घाव छोटा होने के कारण इस तकनीक से ऑपरेशन के बाद मरीज जल्दी स्वस्थ होकर घर जा सकता है। इससे अस्पतालों में भीड़ कम करने में भी मदद मिल सकती है।
डॉक्टरों व एक्सपर्ट्स के अनुसार दूरबीन सर्जरी की तुलना में ओपन सर्जरी में अधिक जटिलताएं होती हैं, इसमें मरीज के शरीर में बड़ा चीरा लगाया जाता है, जिससे उसे लंबे समय तक दर्द रहता है। वैसे तो डॉक्टर पूरी स्वच्छता के साथ ओपन सर्जरी करते हैं, लेकिन फिर भी हाथों के साथ किए जाने के कारण इसमें संक्रमण होने का खतरा थोड़ा अधिक होता है।
जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया है कि दूरबीन सर्जरी एक खास प्रकार की सर्जरी तकनीक है और इसमें ओपन सर्जरी की मदद से बड़ा चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। बड़ा चीरा लगने से त्वचा पर स्कार पड़ जाता है, जीवनभर रहता है। वहीं लेप्रोस्कोपी जैसी तकनीकों में बहुत ही मामूली निशान पड़ता है।
अक्सर छोटे बच्चों को सर्जरी के लिए तैयार करना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि वे स्थिति की गंभीरता को समझ ही नहीं पाते हैं। साथ ही छोटे बच्चों का शरीर नाजुक होने के कारण उनके माता-पिता को भी डर सताता है। लेकिन दूरबीन तकनीक को ओपन सर्जरी से काफी हद तक सुरक्षित माना जाता है, जो बच्चों के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है।