Surgery Post Covid: कोविड से उबरने के बाद मरीज करा सकते हैं सर्जरी, केंद्र सरकार ने दिए निर्देश

 दिल्ली एम्स द्वारा की गयी एक स्टडी के परिणामों के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा बयान दिया गया है कि कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद महत्वपूर्ण या आवश्यक ऑपरेशन टालने की आश्यकता नहीं है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 4, 2022 11:28 AM IST

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी  के दौरान अब ऑपरेशन और सर्जरी करायी जा सकती हैं। गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जॉइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ( Lav Agarwal, health ministry joint secretary ) ने कहा कि, महामारी की पिछली लहर के दौरान जिस तरह मामलों में उछाल देखा गया था उसके विपरीत अब सर्जरी कराना सेफ है।  दिल्ली एम्स द्वारा की गयी एक स्टडी के परिणामों के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा बयान दिया गया है कि कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद महत्वपूर्ण या आवश्यक ऑपरेशन टालने की आश्यकता नहीं है। वहीं, इससे पहले की गयी स्टडीज के आधार पर कहा गया था कि कोविड मरीजों को बीमारी से उबरने के बाद कम से कम 8 सप्ताह तक उन्हें किसी भी तरह की सर्जरी या ऑपरेशन से बचना चाहिए। इसी निर्देश के आधार पर विभिन्न अस्पतालों में सर्जरी के लिए मरीजों को अपॉइंटमेंट दिया जा रहा था वहीं, कई अस्पतालों में सर्जरी के लिए मरीजों को लम्बा इंतजार करना पड़ रहा था। (Surgeries are safe after covid infection in Hindi.

कोविड के बाद ऑपरेशन है सेफ

एम्स की इस नयी स्टडी में कहा गया है कि, कोरोना वायरस से रिकवर होने के बादऑपरेशन कराया जा सकता है और यह पूरी तरह सुरक्षित है। इस स्टडी के लिए दिल्ली एम्स  के अस्पताल में दिसंबर 2021 से जनवरी 2022 के बीच हुए ऑपरेशन्स के डेटा का विश्लेषण किया गया और एक रिपोर्ट तैयार की गयी। इस स्टडी में कहा गया कि इस अवधि में अस्पताल में कुल 53 लोगों के ऑपरेशन किए गए। इस सभी लोगों को कोविड संक्रमण हो चुका था। इनमें 53 मरीजों में से 32 लोगों को लोकल एनेस्थीसिया देना पड़ा, वहीं, इन 32 मामलों में से 26 केस प्रेगनेंट महिलाओं के थे जिनका सी-सेक्शन कराया गया।

स्टडी के मुताबिक इन सभी मरीजों की सर्जरी कामयाब रही और उन्हें सर्जरी के दौरान कोई समस्या भी नहीं हुई। ऑपरेशन के बाद रिकवरी की स्पीड भी ठीक रही और सभी मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से घर चले गए। इन सभी में से 21 लोगों को  लम्बे समय तक बेहोश रखना पड़ा वहीं, 4 लोग ऐसे भी थे जिनकी मौत हो गयी थी। स्टडी के अनुसार, इन मरीजों की स्थिति बहुत गम्भीर थी। हालांकि, इनकी मृत्यु का कारण कोरोना वायरस (Coronavirus) नहीं था।