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Written By: Jitendra Gupta | Published : June 23, 2022 1:28 PM IST
एक पैर पर इतनी देर नहीं खड़े हो सकते तो आपको अगले 10 वर्षों में मौत का खतरा दोगुना! जानें कैसे करना है ये टेस्ट
क्या आप एक पैर पर खड़े हो सकते हैं? अगर हां, तो कितनी देर तक? आपने देखा होगा कि बहुत से लोग एक पैर पर खड़े नहीं हो पाते हैं फिर चाहे एक्सरसाइज हो या योग। अक्सर बहुत से लोग योग या फिर एक्सरसाइज करते वक्त बैलेंस नहीं कर पाते हैं, अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो ये आपके लिए चिंता का विषय हो सकता है। जी हां, एक पैर पर न खड़े हो पाना आपके स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता को दर्शाता है और यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। एक शोध में खुलासा हुआ है कि अगर आप एक पैर पर खड़े नहीं हो पाते हैं तो मौत का खतरा कुछ वर्षों में दोगुना हो जाता है। आइए जानते हैं क्या है शोध।
ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध में शोधकर्ताओं ने ये बताया है कि 30 से 50 साल की उम्र के लोगों और बुजुर्ग लोग अगर 10 सेकंड के लिए भी एक पैर पर खड़े नहीं हो पाते हैं या फिर संतुलन नहीं बना पाते हैं तो उन्हें 10 वर्षों में मौत का खतरा लगभग दोगुना बढ़ जाता है। शोध के मुताबिक, आप अपनी सेहत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि आप कितनी अच्छी तरह से एक पैर अपनी बॉडी को संतुलित कर पाते हैं।
ये कोई पहला शोध नहीं है, जो इस बात की ओर इशारा करता हो बल्कि इससे पहले भी एक शोध में ये बात सामने आई थी कि वे लोग, जो एक पैर पर नहीं खड़े हो पाते हैं या फिर बैलेंस नहीं बना पाते हैं उनमें स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है। ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड और ब्राजील के एक्सपर्ट्स ने करीब 12 साल तक अध्ययन किया, जिसमें ये सामने आया कि 30 से 50 साल के लोग और बुजुर्ग, जो 10 सेकंड तक भी एक पैर पर खड़े नहीं हो पाते हैं उनमें 10 वर्षों में मौत का खतरा दोगुना हो जाता है।
साल 2008 से लेकर 2020 तक हुए इस शोध में 51 से 75 साल के 1702 लोग शामिल हुए थे। अध्ययन में सभी लोगों को बिना किसी सहारे के 10 सेकंड तक एक पैर पर खड़े होने के लिए बोला गया था। ऐसा करते वक्त सभी को एक पैर, दूसरे पैर के पीछे रखने को कहा गया और इस दौरान दोनों हाथ साइड में रखने थे। सभी को ऐसा करने के लिए तीन मौके दिए गए। शोध के मुताबिक, 5 में से 1 व्यक्ति इस टेस्ट में फेल हो गया।
इस टेस्ट में फेल होने वाले लोगों की सेहत ज्यादा खराब थी। इतना ही नहीं, जो लोग 10 सेकंड तक एक पैर पर नहीं खड़े हो पाए उन लोगों में टाइप-2 डायबिटीजआम थी। इन लोगों में मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और ह्रदय रोगों की भी शिकायत थी।
शोध के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. क्लाडियो गिल अराजुओ का कहना है कि मेरा मानना है कि शरीर का खराब संतुलन खराब जीवनशैली से जुड़ा हुआ है। इसका ये मतलब हो सकता है कि ये लोग शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं रहते हैं और न ही एक्सरसाइज करते हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि 51-75 साल के लोगों को अपने रुटीन हेल्थ चेक अप में सेफ बैलेंस टेस्ट भी शामिल करना चाहिए।