दिल की नसों को बिना संक्रमित किए आपके दिल को नुकसान पहुंचा रहा है कोरोना, जानें किन लोगों को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

जर्नल क्लीनिकल साइंस में प्रकाशित ये शोध बताता है कि अगर आप गंभीर रूप से कोविड से संक्रमित हुए हैं तो ये वायरस आपकी रक्त वाहिकाओं को बिना संक्रमित किए आपके दिल की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने का काम करता है।

दिल की नसों को बिना संक्रमित किए आपके दिल को नुकसान पहुंचा रहा है कोरोना, जानें किन लोगों को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
दिल की नसों को बिना संक्रमित किए आपके दिल को नुकसान पहुंचा रहा है कोरोना, जानें किन लोगों को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

Written by Jitendra Gupta |Published : February 24, 2022 9:37 AM IST

कोविड ने सभी लोगों की जिंदगियों को प्रभावित किया है फिर चाहे वो निजी तौर पर हो या फिर शारीरिक व मानसिक तौर पर। हाल ही में हुई एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि अगर आप गंभीर रूप से कोविड से संक्रमित हुए हैं तो ये वायरस आपकी रक्त वाहिकाओं को बिना संक्रमित किए आपके दिल की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने का काम करता है। जर्नल क्लीनिकल साइंस में प्रकाशित ये शोध इस बात की ओर इशारा करता है कि एंटी-बॉडी को ब्लॉक कर ह्रदय संबंधी जटिलताओं को कम कर इस दिशा में उपचार का एक नया तरीका ढूंढा जा सकता है।

दिल को नुकसान पहुंचाने के कारण ढूंढे

ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल की एक शोधकर्ता टीम ने कोविड के मरीजों में दिल को नुकसान पहुंचाने वाली कोशिकाओं के साथ कोविड वायरस के संपर्क में आने का विश्लेषण किया कि ऐसा कैसे हो सकता है। हालांकि अभी तक ये अस्पष्ट है कि ऐसा साइटोटॉक्सिक डिफेंस प्रतक्रिया के कारण होता है या फिर वायरस से संक्रमित होने वाली ह्रदय कोशिकाओं के कारण।

इस प्रतिक्रिया को साइटोकिन स्टोर्म के रूप में भी जाना जाता है, जो हमारे इम्यून सेल्स से निकलता है। दरअसल ह मारी साइटोटॉक्सिक सेल्स साइटोकिन्स नाम के प्रोटीन को रिलीज कर संक्रमित कोशिकाओं पर हमला करती है और उन्हें नष्ट करने का काम करती है। इस पूरी प्रक्रिया को साइटोकिन स्टोर्म कहा जाता है।

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इस स्टडी में ये भी पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या ह्रदय कोशिकाएं साइटोकिन्स के अत्यधिक उत्पादन में योगदान करती है या फिर नहीं।

क्या कहते हैं शोधकर्ता

प्रोफेसर पाउलो मैडीड्डू के नेतृत्व वाली टीम ने इंसानों के ह्रदय में मौजूद पेरिसाइट्स को कोविड के अल्फा, डेल्टा और शुरुआत में सामने आए वुहान वायरस के संपर्क में लाने की कोशिश की। पेरिसाइट्स दरअसल एक प्रकार की कोशिकाएं होती हैं, जो ह्रदय की छोटी रक्त वहिकाओं के इर्द-गिर्द लिपटी हुई होती हैं।

शोधकर्ताओं ने पाया कि पेरिसाइट्स बिल्कुल भी संक्रमित नहीं हुई थीं।

एक और शोध में हुआ खुलासा

दूसरे शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने पेरिसाइट्स को सिर्फ स्पाइक प्रोटीनके संपर्क में लाने की कोशिश की बिना वायरस के। स्पाइक प्रोटीन का इस्तेमाल कर वायरस हमारे शरीर में प्रवेश करता है और कोशिकाओं को संक्रमित बनाने का काम करता है।

स्पाइक प्रोटीन पेरिसाइट्स को एंडोथेलिल कोशिकाओं के साथ संपर्क में आने से रोकता है और उन्हें साइोटकिन्स को रिलीज करने को बढ़ावा देता है, इसलिए स्पाइक प्रोटीन हमारी ह्रदय कोशिकाओं के लिए हानिकारक माना जाता है।

टीम ने पाया कि सीडी147 को ब्लॉक करने वाली एंटीबॉडी हमारे दिल के पेरिसाइट्स को नुकसान पहुंचने से बचाने का काम करती हैं। सीडी147 स्पाइक प्रोटीन के लिए एक रिसेप्टर का काम करता है।

क्या निकला निष्कर्ष

शोधकर्ताओं के मुताबिक, अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि कोविड बिना ह्रदय कोशिकाओं को संक्रमित किए हमारी वास्कुलर सेल्स को नुकसान पहुंचाने का काम करता है।

शोधकर्ताओं ने कोविड-19 रोगियों से प्राप्त किए गए रक्त के नमूने में मौजूद सार्स कोवि-2 स्पाइक प्रोटीन की मौजूदगी का भी पता लगाया है।

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शोधकर्ताओं का कहना है कि इस वजह से ऐसी संभावना बनती है कि स्पाइक प्रोटीन हमारे ब्लड सर्कुलेशन के माध्यम से जाकर हमारे श्वसन तंत्र तक पहुंच सकता है और पूरे तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है।

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