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70 साल पुरानी ये दवा कोविड से फेफड़ों को होने वाले नुकसान से बचाने में है मददगार, स्टडी में हुआ इस दवा का खुलासा

दुनियाभर के डॉक्टरों ने फेफड़ों को इंफेक्शन से बचाने के लिए दवा ढूंढने की पुरजोर कोशिश की थी, जिसका फल अब मिलता दिखाई दे रहा है।

70 साल पुरानी ये दवा कोविड से फेफड़ों को होने वाले नुकसान से बचाने में है मददगार, स्टडी में हुआ इस दवा का खुलासा
70 साल पुरानी ये दवा कोविड से फेफड़ों को होने वाले नुकसान से बचाने में है मददगार, स्टडी में हुआ इस दवा का खुलासा

Written by Jitendra Gupta |Published : February 10, 2022 9:23 AM IST

कोविड की दूसरी लहर के दौरान बहुत से लोगों ने फेफड़ों के इंफेक्शन और फेफड़ों को हुई क्षति के कारण अपनी जान गंवाई थी। दुनियाभर के डॉक्टरों ने फेफड़ों को इंफेक्शन से बचाने के लिए दवा ढूंढने की पुरजोर कोशिश की थी। हालांकि अब वील कोर्नेल मेडिसिन और कोल्ड स्प्रिंग हार्बर लैब के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक नए अध्ययन ने उम्मीद की एक नई किरण दिखाई है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, एफडीए से मंजूरी प्राप्त एक दवा, जिसका क्लीनिकल यूज पिछले करीब 70 वर्षों से होता आ रहा है, फेफड़ों को होने वाले नुकसान से बचा सकती है।

इन समस्याओं से मिलती है सुरक्षा

इतना ही नहीं ये दवा कोविड के गंभीर मामलों में बनने वाले रक्त के थक्कोंके खतरे और दूसरे विकार, जो इम्यूनिटी के कारण फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं उनसे भी सुरक्षा प्रदान कर सकती है। अध्ययन के निष्कर्ष 'JCI Insight'में प्रकाशित हुए हैं।

दो प्रकार से फायदेमंद ये दवा

अध्ययन में ये पाया गया है कि डिसुलफिरम नाम की दवा फेफड़ों को होने वाले दो अलग-अलग प्रकार के नुकसान से बचाने में सक्षम है। पहला कोविड-19 से होने वाले फेफड़ों में इंफेक्शन और दूसरा लंग फेल्योर सिंड्रोम, जिसे TRALI भी कहा जाता है। ये एक दुर्लभ स्थिति है, जो खून चढ़ाए जाने के बाद पैदा होती है।

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किसने किया ये अध्ययन

वील कोर्नेल मेडिसिन में गैस्ट्रो और हेप्टोलॉजी विभाग में मेडिसिन के सहायक प्रोफेसर और अध्ययन के मुख्य लेखक डॉ. राबर्ट स्वार्टज का कहना है कि जैसा कि हम इन फेफड़ों को होने वाले नुकसान के बारे में बहुत बार पढ़ चुके हैं अब हम ये उस प्रक्रिया को विशेष रूप से निशाना बनाने में सक्षम हो चुके हैं, जो फेफड़ों के ऊतकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

ये अध्ययन डॉ. स्वार्टज रिसर्च समूह और कोल्ड स्प्रिंग हार्बर लैब के कैंसर सेंटर में प्रोफेसर डॉ. मिकाला ईगब्लैड के एक समूह द्वारा साथ मिलकर किया गया है।

कैसे फायदेमंद साबित हो सकती है ये दवा

वैज्ञानिकों ने 2020 में ये भी पता लगाया था कि डिसुलफिरम सूजन प्रक्रिया के एक हिस्से को भी रोकने का काम करती है, जो सफेद रक्त कोशिकाओं द्वारा बनाए जाने वाले NET निर्माण का कारण बनता है. जिसे न्यूट्रोफिल्स कहते हैं। अध्ययन के निष्कर्ष डिसुलफिरम को एक NET अवरोधक के रूप में टेस्ट करने के लिए प्रचारित करते हैं। दरअसल NET आपके टिश्यू को नुकसान पहुंचाती है लेकिन चूंकि डिसुलफिरम गैसडर्मिन डी के साथ रुकावट पैदा करने का काम करती है इसलिए डिसुलफिरम के उपचार के दौरान किसी प्रकार का नेट नहीं बनता है।

गैसडर्मिन डी, एक प्रकार का गुणसूत्र है, जिसकी जरूरत नेट के उत्पादन में पड़ती है।

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इन रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकती है दवा

डॉ. स्वार्टज का कहना है कि फिलहाल हमारे पास कोविड से होने वाले फेफड़ों से संबंधित नुकसान के लिए कोई खास उपचार नहीं है, इसलिए डिसुलफिरम इस संबंध में जांच के लिए बेहतर विकल्प साबित होता दिखाई दे रहा है, खासकर कोविड-19 से गंभीर रूप से जूझ रहे लोगों के लिए।

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