... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट का पहला केस मिला दिल्ली में।
दुनियाभर में फैला कोरोनावायरस अपने साथ-साथ ऐसी नई जानकारियां लेकर आया, जिसके बारे में बहुत से लोग सिर्फ अंदाजा ही लगा सकते थे। हाल ही में सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) की एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि लोग सिर्फ बातचीत कर 15 मिनट से भी कम समय में दूसरों को कोरोना वायरस फैला सकते हैं। इस रिपोर्ट को खुद सीडीसी ने सामने रखा है और बताया है कि ऐसा कैसा हो सकता है।
आपने मास्क पहना है या नहीं
रूम में वेंटिलेटर के लिए जगह है या नहीं
आपकी बातचीत कितनी देर तक चली
आप सबके बीच कितनी दूरी थी।
एनएफएल के चीफ मेडिकल ऑफिसर एलेन सिल्स का कहना है कि वायरस को रोकने के लिए सबसे प्रभावशाली उपाय हैं फेस मास्क का उचित प्रयोग, मीटिंग को रूम के बाहर रखना, कम से कम लोगों के साथ एक कमरे में बातचीत करना, डाइनिंग रूम को बंद रखना।
सीडीसी के मुताबिक, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के दौरान ये पाया गया कि कोरोना फैलने को लेकर कई उदाहरण हैं जैसे छह फीट के भीतर की दूरी में 15 मिनट से कम समय की बातचीत भी कोरोना फैला सकती है। सीडीसी के मुताबिक, कोरोना फैलने के पीछे की मुख्य वजह है मीटिंग के दौरान मास्क न पहनना। बातचीत के दौरान मास्क न पहनने से आप सिर्फ 15 मिनट में ही कोरोना फैला सकते हैं।
सीडीसी के मुताबिक, कई बार बहुत ज्यादा इनडोर गतिविधियों से भी जुड़े मामले सामने आए हैं, जबकि कुछ लोग बिना मास्क के सवारी करते हैं या फिर एक-दूसरे के बहुत करीब बैठकर शराब पीते हैं, जिससे कोरोना के फैलने की संभावना बहुत ज्यादा हो जाती है।
सीडीसी के मुताबिक, क्वारंटाइन जैसे सख्त प्रोटोकॉल, जिन्होंने कोरोना को फैलने में मदद की आसानी से उपयोग में लाए जा सकते हैं। इसके अलावा सभी को स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करना चाहिए और सामाजिक दूरी निभानी चाहिए।