दिन में सोने से बच्चों की मेमोरी पावर होती है स्ट्रॉन्ग, एक झपकी लेने से भी होगा फायदा

बहुत से लोगों की ये धारणा है कि दिन में सोने से रात को नींद नहीं आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिन में सोने से बच्चे क्रिएटिव और सेहतमंद (Children Memory) रहते हैं? जी, हां हाल ही में हुए अध्ययन में इस बात का खुलासा किया गया है।

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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 6, 2020 9:19 PM IST

Memory Power: दिन में सोने के लिए कई बार आपने बचपन में डांट खायी होगी। इसी तरह किसी ना किसी के मुंह से जरूर सुना होगा कि दिन में सोने से आलस बढ़ता है। बहुत से लोगों की ये धारण है कि दिन में सोने से रात को नींद नहीं आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिन में सोने से बच्चे क्रिएटिव और सेहतमंद (Memory Power) रहते हैं? जी, हां हाल ही में हुए अध्ययन में इस बात का खुलासा किया गया है।

इस अध्ययन के अनुसार, जो बच्चे दिन में थोड़ी देर सोते हैं या हल्की सी भी झपकी लेते हैं, वे पढ़ाई में बहुत (Creative Children) ही तेज होते हैं। नींद की कमी के कारण बच्चों में क्रिएटिविटी खत्म हो जाती है। रात में 8 घंटे की नींद के बाद भी बच्चों को दिन में करीब 1 घंटा जरूर सोना चाहिए। इससे बच्चे का दिमाग शार्प रहेगा। इस रिसर्च के अनुसार, जो बच्चे दिन में सोते हैं या फिर हल्की सी झपकी लेते हैं, उनका मेमोरी पावर अन्य बच्चों की तुलना में अधिक होता है।

40 बच्चों पर की गई स्टडी (Study on 40 children)

यह स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ मैसेच्युसेट्स के शोधकर्ताओं द्वारा की गई है। उन्होंने इसे प्रमाणित करने के लिए 40 बच्चों पर यह स्टडी (Study on Children) की और ये रिपोर्ट नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज को भेजी। इस स्टडी से जुड़ी रेबेका स्पेंसर ने अपने अध्ययन को लेकर कहा कि हमने सभी 40 स्कूली बच्चों की सोने से पहले मेमोरी पावर (Study on Children Memory Power) चेक की। इसके बाद जब बच्चे सोकर उठे तो फिर उनकी मेमोरी चेक की गई।

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इस रिसर्च टीम द्वारा कुछ बच्चों को विजुअल पिक्चर टास्क (Visual picture task) दिया गया। इस टास्क में बच्चों को कुछ कलरफुल पिक्चर दिए गए। सभी बच्चों को इस टास्क में भाग लेना जरूरी था। इस टास्क में बच्चों को दो तरह की कंडीशन दी गई। सबसे पहले बच्चों को पिक्चर देखते-देखते सोने या फिर झपकी लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। क्लास में इसे ऑब्जर्ब किया गया और करीब 77 मिनट तक इसे रिकॉर्ड किया गया।

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दूसरे टास्क में बच्चों को सोने नहीं दिया गया और पिक्चर देखने के लिए उन्हें जगाए रखा गया। इसके बाद बच्चों की मेमोरी पावर चेक की गई। इस स्टडी में देखा गया कि 65 फीसदी बच्चों की मेमोरी उन बच्चों की तुलना में अधिक तेज थी, जो दिन में झपकी नहीं लेते हैं। इसलिए अगर आपके बच्चे दिन में सोना चाहते  हैं, तो उन्हें सोने दें। इसके साथ ही उन्हें दिन में थोड़ा सोने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि उनकी मेमोरी अच्छी हो सके।

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