अजीब बीमारी: 13 वर्षीय लड़केके शरीर से निकली 2.5 किलो की गांठ, डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी से दिया अंजाम

Assam News: असम के अस्पताल में 13 वर्षीय एक लड़के के सप्लीन से 2.5 किलोग्राम की गांठ रोबोटिक सर्जरी से निकाली गई। डॉक्टरों ने कहा कि इस अंग से गांठ निकालना बहुत जटिल होता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : June 18, 2022 10:52 AM IST

आजकल बीमारियों का कुछ पता नहीं चलता है, हर रोज हमें किसी न किसी अजीब बीमारी (Strange disease) का पता चलता है। ऐसा ही एक मामला असम से आया है, वहां के डॉक्टरों ने दावा किया है कि उन्होंने एक 13 वर्षीय लड़के के शरीर से लगभग 2.5 किलो की बड़ी गांठ (Lump in the body) को निकाला है। डॉक्टरों ने बताया कि यह सर्जरी रोबोटिक तकनीक से की गई है। डॉक्टरों नें इसके एक दुर्लभ मामला बताया है और यह भी बताया कि ऐसी स्थितियों में सर्जरी करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इस सर्जरी को करने वाली टीक को लीड लेप्रोस्कोपिक, बेरिएट्रिक और रोबोटिक सर्जन डॉक्टर सुभाष खन्ना ने किया, जिसकी मदद से गांठ को सफलतापूर्वक हटा दिया गया था।

दो बीमारियों से ग्रसित था बच्चा

इंटरनेट पर मिली जानकारी के अनुसार जिस बच्चे के शरीर में गांठ मिली है, वह दो अलग-अलग बीमारियों से ग्रसित था। डॉक्टरों के अनुसार वह कोलेलीथायसिस (Cholethaisis) जो कि पित्त की पथरी है और स्प्लेनोमेगाली (splenomegaly) जो कि स्प्लीन बढ़ना होता है, दो बीमारियों से ग्रसित है।

स्प्लीन बढ़ने से बनी गांठ

डॉक्टरों के अनुसार गांठ स्प्लीन में बनी थी, जिस कारण से स्प्लीन का आकार बढ़ने लगा था। धीरे-धीरे सप्लीन की गांठ का आकार 2.5 किलो बढ़ गया, जिसे सर्जरी के साथ निकालना पड़ा। एक्सपर्ट्स के अनुसार प्लीहा यानी स्प्लीन का आकार 170 ग्राम होता है, जो कि बच्चे में 2.5 किलो से भी बढ़ गया था।

बहुत मुश्किल थी यह सर्जरी

डॉक्टर खन्ना ने बताया कि स्प्लीन एक वैस्कुलर अंग होता है, इसलिए इसमें रक्तस्राव बढ़ने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए ऐसी स्थितियों में बहुत ही बारीकी से प्रोसीजर को अंजाम देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस सर्जरी को अंजाम देने में कई डॉक्टरों को नर्सं की टीम थी।

बच्चों में दुर्लभ बीमारी

एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ बच्चों को जन्म से ही प्लीहा में गांठ बन जाती है, जिनमें से अधिकतर मामलों में बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ-साथ यह गांठ अपने साथ गायब हो जाती है। लेकिन वहीं कुछ मामलों में यह गांठ बढ़ने लगती है और ऐसे मामले मिल जाते हैं। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे के जन्म के दौरान या गर्भ में ही कई बार ऐसी गांठ का पता चल जाता है।

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