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Written By: Jitendra Gupta | Published : January 13, 2023 4:02 PM IST
खुशखबरीः इन लोगों को नहीं लेनी होगी चौथी डोज! स्टडी में दावा इस कंपनी की बूस्टर डोज ने किया ये कमाल
fourth dose covid vaccine : चीन, भारत समेत दुनियाभर में अचानक से बढ़े कोविड के मामलों के बीच लोगों के दिमाग में कई सवाल खड़े हुए हैं। बहुत से लोग सोच रहे हैं कि क्या उन्हें वैक्सीन की चौथी डोज लगवानी पड़ेगी या फिर बूस्टर डोज से ही काम चल जाएगा? कुछ लोगों का मानना है कि वक्त के साथ-साथ पहले लगवाई गुई दोनों डोज कहीं बेकार तो नहीं हो गईं? अगर आपके मन में भी ये सवाल गोते लगा रहा है तो आपको बता दें कि चिंता की कोई बात नहीं है। जी हां, कर्नाटक के श्री जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवास्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च के डॉक्टरों ने बताया है कि कोविशील्ड वैक्सीन की बूस्टर डोज लेने वाले लोगों में अभी भी वायरस को खत्म करने वाली एंटीबॉडीज बची हुई हैं।
दरअसल ये जानकरी एक स्टडी से सामने आई है और इस स्टडी में खुद श्री जयदेव इंस्टीट्यूट के सभी 350 स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे। ये अध्ययन इन सभी लोगों में इम्यूनिटी का पता लगाने के लिए किया गया था। अध्ययन में ये पाया गया कि जिन लोगों ने कोविशील्ड वैक्सीनली थी उनमें एंटीबॉडी की जरूरी मौजूदगी पाई गई है। इस अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि वैक्सीनेशन की चौथी डोज की जरूरत नहीं है।
इस अध्ययन में डॉक्टर, नर्स, टेक्निशयन, वार्ड असिस्टेंट और दूसरी कर्मी शामिल हैं। इस स्टडी में 148 पुरुष और 202 महिलाए शामिल थीं, जिनकी उम्र 19 से 60 साल के बीच रही। इन सभी में वायरस को खत्म करने वाली एंटीबॉडी पाई गई हैं।
बेंगलुरू इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. सीएन मंजुनाथ का कहना है कि बूस्टर डोज लेने के 12 महीने बाद तक हमारे शरीर में एंटीबॉडी मौजूद रहती हैं। उन्होंने बताया कि ये बहुत जरूरी है कि हम स्वास्थ्य देखभाल के संसाधनों, जनशक्ति और सुविधाओं के लिहाज से अपनी तैयारी की जायजा लें ताकि समुदाय स्तर पर लोगों में इम्यूनिटी की बारिकियों की हमें समझ हो। इसके साथ ही ऐसी जनस्वास्थ्य नीतियों का खाका तैयार किया जा सके, जो दुनिया के कुछ हिस्सों में ओमिक्रोन के बीएफ.7 और XBB वेरिएंट जैसे नए खतरों के मद्देनजर हमारे लोगों के काम आ सके।
डॉ. सीएन मंजुनाथ का कहना है कि जहां तक बात दूसरी बूस्टर डोज लगवाने की है या फिर वैक्सीन की चौथी डोज लेने की है ये सवाल हमारे डॉक्टर्स से लगातार पूछा जा रहा है। जिसपर हमारा कहना है कि स्टडी में शामिल लोगों में पर्याप्त एंटीबॉडी पाई गई हैं। ये स्टडी बताती है कि वैक्सीनेशन की चौथी डोज की जरूरत नहीं है। बस आप बूस्टर डोज लगवाने का ख्याल रखें।