Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

US में यूथ की मेंटल हेल्थ बिगाड़ने के लिए इस वीडियो प्लेटफॉर्म के खिलाफ केस हुआ दायर

अमेरिकी राज्य की तरफ से दर्ज किए गए केस में कहा गया है कि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के एडिक्शन से युवाओं में मानसिक समस्याएं बढ़ी हैं।

US में यूथ की मेंटल हेल्थ बिगाड़ने के लिए इस वीडियो प्लेटफॉर्म के खिलाफ केस हुआ दायर

Written by Sadhna Tiwari |Updated : October 7, 2024 4:20 PM IST

Youth Mental Health Crisis: युवाओं को मेंटल लेवल पर बुरी तरह से प्रभावित करने के आरोप लगाते हुए अमेरिका के अर्कंसास राज्य (Arkansas) ने लोकप्रिय वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब और उसकी मालिक कम्पनी अल्फाबेट पर एक केस दर्ज करवाया है। इस मामले में यूट्यूब पर आरोप लगाए गए हैं कि देश और राज्य में युवाओं में बढ़ रहीं मेटल हेल्थ प्रॉब्लम्स में इस प्लेटफॉर्म की भी एक बड़ी भूमिका है। राज्य की तरफ से दर्ज की गयी शिकायत में कहा गया है कि जानबूझकर इस साइट को इस तरह तैयार किया गया है कि युवाओं को इसका एडिक्शन हो जाए और उनकी मेंटल हेल्थ पर इसका असर पड़े। युवाओं में मेंटल हेल्थ से जुड़े इस संकट को ब्रेन-रॉट (brain-rot) भी कहा जा रहा है।

युवाओं में बढ़ी वीडियो देखने की लत

एटॉर्नी जनरल के ऑफिस (Attorney General Tim Griffin’s office)  में दाखिल इस केस की याचिका में कहा कहा है कि लोकप्रिय वीडियो वेबसाइट द्वारा कानून और नियमों को तोड़ा गया है। लोगों को वीडियो देखने की लत लग जाती है जिससे राज्य के ऊपर उनके इलाज और देखभाल के लिए खर्च का बोझ बढ़ रहा है। अर्कंसास राज्य की तरफ से यह भी कहा गया है कि, युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य में लगातार हो रही इस गिरावट और बढ़ती मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स को मैनेज करने के लिए कई लाख डॉलर्स का खर्च अब तक किया जा चुका है।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

सोशल मीडिया की लत से बढ़ीं मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स

इन दोनों मामलों के माध्यम से यह बताने कि कोशिश की गयी है कि किस तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स लोगों का समय बर्बाद हो रहा है और उनकी मेंटल हेल्थ किस तरह से प्रभावित हो रही है। सोशल मीडिया के अधिक इस्तेमाल से लोगों में जहां मोटापा और हार्मोनल इम्बैलेंस जैसी फिजिकल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं बढ़ी हैं। वहीं, स्ट्रेस, डिप्रेशन, एंग्जायटी, आंखों से जुड़ी समस्याएं और बार-बार सिरदर्द होने जैसी समस्याओं में भी बढ़ोतरी हुई है।

Also Read

More News