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Written By: Kishori Mishra | Updated : August 13, 2020 7:12 PM IST
Putting a vaccine directly into the nose may offer another kind of immunity, besides systemic immunity.
Sputnik V : कोरोनावायरस के मामले दुनियाभर में काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच अब इस वायरस से छुटाकारा दिलाने के लिए एक वैक्सीन ने काफी तेज रफ्तार पकड़ ली है। रूस की स्पूतनिक-V वैक्सीन कोरोनावायरस वैक्सीन की रफ्तार में काफी आगे है, जिसे रूस के ड्रग रेगुलेटरी से मंजूरी मिल चुकी है। दो सप्ताह के अंदर इस वैक्सीन के पहले बैच को निकाल दिया जाएगा। रूस के स्वास्थ्य कर्मियों को सबसे पहले यह वैक्सीन दी (Sputnik Vaccine) जाएगी। इस बीच रूसी सरकार ने कोरोना वैक्सीन को लेकर चिंता (Sputnik Vaccine) जताई है।
टीका उपब्लध कराने के लिए भारत के गठित राष्ट्रीय समूह द्वारा बुधवार को पहली बैठक की है। इसमें वैक्सीन के लिए आबादी के प्राथमिकता वाले समूहों को निर्धारित करने वाले सिद्धांतों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय एवं घरेलू स्तर पर विकसित वैक्सीन की खरीद तंत्र पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के अध्यक्ष नीति आयोग के सदस्य डॉ वी. के. पॉल ने और सह -अध्यक्षता सचिव (केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय) ने की।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों को सलाह दी गई है कि टीका खरीदने के लिए अलग-अलग रास्तों को ना चुनें। बैठक की टीम के सदस्यों द्वारा देश के लिए कोविड-19 के वैक्सीन के चयन को दिशा निर्देशित करने वाले मापदंडों पर चर्चा की। उन्होंने टीकाकरण पर नेशनल टेक्नीकल एडवाइजर की स्थाई तकनीकी उप-समिति से जानकारी भी मांगी।
कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच जल्द से जल्द वैक्सीन लॉन्च करने की होड़ मची हुई है। फिलहाल रूस ने कोरोना की वैक्सीन लॉन्च कर रेस में सबसे आगे बढ़ने का दावा किया है। हालांकि, वैज्ञानिकों के सवाल और अलग-अलग देशों में अलग मानकों के कारण इस वैक्सीन को पूरी दुनिया तक पहुंचाने में काफी समय लग सकता है। दूसरे देश की वैक्सीन को लाने के लिए भारत को भी अप्रूवल में टाइम लग सकता है।
रूसी वैक्सीन को भारत में लाने के लिए इसे दूसरे और तीसरे फेज के ट्रायल से गुजरना होगा। इसमें करीब 2 महीने तक का समय लग सकता है। हालांकि, भारत की ड्रग रेगुलेटरी संस्था द्वारा इसे आपात मंजूरी दे दी गई, तो रूसी वैक्सीन को तुरंत लॉन्च किया जा सकता है। इससे स्पूतनिक-वी को भारत में किसी भी तरह के ट्रायल से नहीं गुजरना होगा। हाल ही में रेमडेसिविर ड्रग को इस तरह की आपात मंजूरी दी गई थी, जिससे अधिक से अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों को बचाया जा सके।