
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 1, 2022 11:00 AM IST
कोविड 19 का खतरा हर बार की तरह एक बार फिर से लौट रहा है, मामलों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। लेकिन हर बार की तरह सरकार व अन्य संबंधित विभाग पहले से ही अपनी कमर कर रहे हैं, ताकि कोरोना से निपटा जा सके। हाल ही में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) की एक समिति ने सिफारिश की है कि रूसी कोविड 19 वैक्सीन स्पूतनिक वी को बूस्टर डोज के रूप में दिया जा सकता है। हालांकि, इस वैक्सीन की बूस्टर डोज सिर्फ उन्हीं लोगों को दी जा सकती है, जिन्हें पहले भी दोनों खुराक स्पूतनिक वी की ही लगी हैं। वहीं अभी तक स्पूतनिक वैक्सीन लगवा चुके लोगों को बूस्टर डोज लगवाने के संबंध में कोई नीतिगत निर्णय जारी नहीं किया गया है।
वहीं को-विन पोर्टल पर स्पूतनिक-वी के लिए बूस्टर डोज को लेकर कोई विकल्प प्रदर्शित नहीं होता है, जिसका मतलब है कि बूस्टर डोज लगवाने वाले लोग स्पूतनिक वी का चुनाव नहीं कर पा रहे हैं। खबरों के अनुसार जिन लोगों ने पिछले साल जुलाई में स्पूतनिक वी वैक्सीन लगवाई थी, वे अभी भी बूस्टर डोज नहीं लगवा पा रहे हैं।
टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह ने शुक्रवार को बैठक में इसे मुद्दे पर चर्चा करते हुए सिफारिश करते हुए कहा कि जो लोग रूसी कोविड-रोधी वैक्सीन स्पूतनिक-वी की दोनों खुराक लगवा चुके हैं। उन लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक को बूस्टर डोज के रूप में दिया जा सकता है।
बताते चलें कि कोरोना के मामलों में फिर से बढ़ोतरी देखी जाने लगी है। बता दें कि बीते 24 घंटों में देश में कोरोना के कुल 3324 मामले दर्ज किए गए हैं और 40 मौत हुई हैं। वहीं दिल्ली ने कोविड-19 के मामलों में रफ्तार पकड़ ली है और शहर में पिछले 24 घंटों में 1520 मामले पाए गए हैं और इसके साथ पॉजीटिव रेट बढ़कर 5 प्रतिशत से भी ऊपर चला गया है।