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Written By: Editorial Team | Published : August 24, 2018 6:38 PM IST
सर्जरी की तकनीक में विकास के कारण रीढ़ की सर्जरी अब किसी भी उम्र में हो सकती है। दिल्ली के आर्थोपेडिक सर्जनों ने 89 साल की महिला की रीढ़ की सफल सर्जरी को अंजाम दिया है।
राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल मे पिछले दिनों नेपाल के इटाहरी की 89 साल की महिला की रीढ़ की सफल सर्जरी की गई। उस महिला ने इसी अस्पताल में दस साल पहले दोनों घुटनों को बदलवाने का ऑपरेशन भी कराया था। स्पाइन सर्जरी करने वाले अस्पताल के वरिष्ठ ऑथोर्पेडिक सर्जन डॉ. राजू वैश्य ने कहा कि पिछले एक साल से उनकी कमर में दर्द था जो पैर तक फैल रहा था। पिछले तीन माह के दौरान यह दर्द इतना अधिक बढ़ गया कि उनके लिए चलना फिरना और यहां तक कि आराम से सोना दूभर हो गया।
एक्स-रे एवं एमआरआई की मदद से रीढ़ की जांच करने पर पता चला कि एल4 और एस1 हिस्से में स्पाइनल कार्ड में दवाब 'कम्प्रेशन' आ गया था। डॉ. वैश्य एवं उनकी टीम ने 17 अगस्त को उनकी स्पाइनल कॉर्ड में आए दबाव 'डिकम्प्रेशन' को हटाने के लिए डिकम्प्रेशन सर्जरी तथा रीढ़ को मजबूती प्रदान करने के लिए स्पाइनल फ्यूजन सर्जरी की। सर्जरी ढाई घंटे चली। सर्जरी के बाद मरीज तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रही हैं और अब वह आराम से चल फिर रही हैं।
डॉ. वैश्य ने कहा कि इस सर्जरी के बाद न केवल मरीज को दर्द से मुक्ति मिलेगी बल्कि वह और लंबी आयु जी सकती हैं। साथ ही उनके जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। आज रीढ़ की सर्जरी की तकनीकों में इतना अधिक विकास हो गया है कि अधिक उम्र में भी रीढ़ की सर्जरी सुरक्षित एवं कारगर बन गई है।
(इनपुट: आईएएनएस)
चित्रस्रोत: Shutterstock.
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