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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : October 27, 2018 7:27 PM IST
Optimism may actually help reduce the risk of developing Type-2 diabetes in postmenopausal women. © Shutterstock
रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं को हृदयाघात के खतरे से बचने के लिए व्यायाम करनी चाहिए और कम कैलोरी वाले आहार का सेवन करना चाहिए। हालिया एक शोध में बताया गया है कि व्यायाम और कम कैलोरी वाले आहार का सेवन करने से महिलाओं को रजोनिवृत्ति के बाद हृदयाघात और मधुमेह (टाइप-2) का खतरा कम हो सकता है।
शोध में पाया गया कि शारीरिक रूप से सक्रिय महिलाओं में सुस्त महिलाओं की तुलना में मेटाबॉलिक सिंड्रोम कम होता है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम से उन शारीरिक कारकों का समूह है जिनसे हृदय-रोग, आघात और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।
मरीज में अत्यधिक चर्बी बढ़ने, अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घटने और रक्त में चर्बी की मात्रा बढ़ने, उच्च रक्तचाप होने और उच्च रक्त शर्करा होने पर मेटाबॉलिक सिंड्रोम की पहचान की जाती है।
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अमेरिका स्थित स्टैंडफोर्ड हेल्थ केयर की एसोसिएट प्रोफेसर एस. ली ने कहा, "पूर्व का अध्ययन रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में हृदयवाहिनी के रोग और टाइप-2 मधुमेह पर केंद्रित रहा है। यह अध्ययन अनोखा है क्योंकि यह ऐसे रोगों की रोकथाम पर केंद्रित है।"
यह शोध जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्राइनोलोजी एंड मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित हुआ है। शोध में अधेड़ उम्र की 3,003 महिलाओं को शामिल किया गया।
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ली ने कहा, "अध्ययन में पाया गया कि रजोनिवृत्ति के बाद व्यायाम और कम कैलोरी के आहार का सेवन करने से महिलाओं को मेटाबॉलिक सिंड्रोम की शिकायत से निजात मिल सकती है।"
(इनपुट-IANS से)