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Written By: Anshumala | Published : August 2, 2020 12:55 PM IST
अध्ययन में खुलासा, सोशल डिस्टेंसिंग से कोरोना के प्रसार में आ सकती है भारी कमी।
spread of coronavirus: शोधकर्ताओं के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर शारीरिक दूरी (Physical distancing) की नीतियों का पालन करने से सार्स-सीओवी-2 (SARS-CoV-2) वायरस के संचरण और प्रसार में काफी कमी लाई जा सकती है। ऐसा नहीं करने से कोविड-19 (COVID-19) के कारण सामुदायिक गतिशीलता में कमी आती है। पीएलओएस वन नामक पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि 46 देशों में राष्ट्रीय स्तर पर लागू की गई सोशल या फिजिकल डिस्टेंसिंग (Social or Physical distancing) की नीतियों ने दो सप्ताह की अवधि में ही कोविड-19 (COVID-19) के अनुमानित 1.57 मिलियन मामलों को कम किया है। साथ ही नए मामलों में 65% की कमी आई है।
शोधकर्ता उन महत्वपूर्ण बातों और फायदों पर जोर देते हैं, जो सोशल डिस्टेंसिंग (Social distancing in hindi) को फॉलो करके हर व्यक्ति द्वारा प्राप्त किए जा सकते हैं। अमेरिका के टेक्सास यूनिवर्सिटी में एंडरसन कैंसर सेंटर के एमडी व प्रोफेसर रघु कल्लूरी का कहना है कि हमारे डाटा द्वारा किए गए विश्लेषण से यह स्पष्ट हो गया कि सोशल या फिजिकल डिस्टेंसिंग का प्रैक्टिस करने से कोरोनावायरस (Coronavirus transmission) के ट्रांसमिशन दरों (Rates) पर भारी प्रभाव पड़ सकता है।
वैश्विक स्तर पर सोशल डिस्टेंसिंग की नीतियों को अपनाने से होने वाले प्रभावों का विश्लेषण किया गया। इसके लिए शोधकर्ताओं ने 46 देशों के नेशनल सोशल डिस्टेंसिंग की नीतियों (national social distancing policies), 74 राष्ट्रों जहां ऐसी नीतियों को नहीं फॉलो किया जा रहा है और 14 क्षेत्रीय नीतियों से पर्याप्त डाटा प्राप्त किया और उस आधार पर इस शोध के नतीजों पर पहुंचे।
शोधकर्ताओं ने कहा कि आंकड़ों से संकेत मिलता है कि जो देश क्षेत्रीय नीतियों या सोशल डिस्टेंसिंग की नीतियों को फॉलो नहीं कर रहे हैं, उनकी तुलना में सोशल डिस्टेंसिंग की नीति लागू करने वाले देशों में कोरोना ट्रांसमिशन में काफी कमी देखी गई। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय नीतियों वाले देशों और सोशल डिस्टेंसिंग की नीति लागू ना करने वाले देशों में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं देखा गया।
डॉ. कल्लूरी कहते हैं कि हमारे इस शोध और विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि सोशल डिस्टेंसिंग (Social distancing) के उपाय सामूहिक रूप से SARS-CoV-2 के प्रसार (Corona spread) को कम करने में जबरदस्त प्रभाव डाल सकते हैं। जिस तरह से भारत के साथ अन्य देशों जैसे अमेरिका, ब्राजील, रूस आदि में कोरोना के मामले तेजी(spread of coronavirus in hindi) से बढ़ रहे हैं, वहां हर किसी को संक्रमण को नियंत्रण में लाने के लिए सामाजिक दूरी का अभ्यास जरूर करना चाहिए।
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