सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल आपको कर सकता है मानसिक रूप से बीमार
सोशल मीडिया के अधिक उपयोग से हम बाहर निकलना कम कर देते हैं और सामाजिक जीवन से दूर होने लगते हैं
सोशल मीडिया के कारण हम अपने मोबाइल फोन पर कई घंटे तक लगे रहते हैं। विश्वभर के लोगों के साथ जुड़ने के लिए सोशल मीडिया एक नायाब मंच बन गया है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल आपको अकेला और अलग-थलग महसूस करा सकता है। बात सिर्फ इतनी ही नहीं है, इंस्टाग्राम पोस्ट और ट्विटर फीड के आभासी प्रभाव से आप अपने आत्मसम्मान को कमतर समझ सकते हैं और आपको नींद न आने की समस्या भी हो सकती है।
आइए जानते हैं सोशल मीडिया कैसे आपके स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है।
आत्म सम्मान
हम हमेशा स्वयं के साथ दूसरों की तुलना करते हैं, कभी-कभी हम इसे स्वीकार करते हैं और कभी-कभी हम ऐसा नहीं करते हैं। हालांकि, इंस्टाग्राम या फेसबुक के लोगों की स्टॉकिंग पोस्ट देखते हुए कई बार हम में हीनता के भाव जाग सकता है इससे हम खुद पर से भरोसा खोने लगते हैं।
द इंडिपेंडेंट के अनुसार, कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के द्वारा करायी गयी एक स्टडी में यह पाया गया कि कई लोग फेसबुक में जुड़े लोगों की ईर्ष्या से परेशान हैं।
व्हेन लाइक आर नाॅट एनफ के लेखक डॉ. टीम बोनो बताते हैं कि - जब हम दूसरों की तुलना करते हैं और अपनी ज़िंदगी उनसे होड़ लगाते हुए चलाने लगते हैं तो हम हीनभावना का शिकार हो जाते हैं, और हमारी खुशियां अनिश्चित हो जाती है और यह हमारे नियंत्रण से बाहर हो जाता है।
सामाजिक संबंध
एक इंसान के रूप में हमारे लिए लोगों के साथ सामाजिक रूप से जुड़ा होना और उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलना महत्वपूर्ण है। लेकिन सोशल मीडिया के अधिक उपयोग से हम बाहर निकलना कम कर देते हैं और सामाजिक जीवन से दूर होने लगते हैं और फेसबुक से बाहर के दोस्त बनाना भी छोड़ देते हैं।
याद्दाश्त
फेसबुक पर पिछली घटनाओं की पुरानी यादें देखना हमेशा अच्छा होता है जो आपको अपने जीवन से कुछ निश्चित यादों को याद कराता है। लेकिन क्या आपने कभी महसूस किया है कि आप जिससे प्यार करते हैं उनके साथ रहते हुए भी उनके साथ बीतनेवाले पलों का आनंद नहीं ले पाते हैं, क्योंकि आप उस वक़्त सोशल मीडिया में अपलोड करने के लिए फोटो ले रहे होते हैं।
डॉ. बोनो कहते हैं कि, अगर हम अपने सोशल मीडिया के फालोवर की तारीफ पाने के लिए बेहतर शॉट्स को कैप्चर करने में मशगूल हैं, तो सच्चे अर्थों में हम वास्तविक समय का आनंद और अनुभव नहीं ले पाते हैं।
नींद
हम सभी के लिए शरीर को फिर से तैयार करने के लिए कम से कम 6-8 घंटों की नींद ज़रूरी है। लेकिन हम फेसबुक सर्फिंग और दोस्तों के साथ चैट करते-करते रात गुज़ार देते हैं। इससे हम एक अच्छी नींद से तो दूर हो ही जाते हैं, लेकिन साथ ही साथ फोन की लाइट से हमारी आंख भी ख़राब होने लगती है।
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अनुवादक: Akhilesh Dwivedi.
चित्रस्रोत: Shutterstock.