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Written By: Jitendra Gupta | Published : February 15, 2023 1:48 PM IST
गले में पहने जाने वाला ये नेकलेस आपको स्मोकिंग से रोकने में करेगा मदद, जानें कैसे काम करता है ये नेकलेस
क्या आपने सिगरेट छोड़ने की भरपूर कोशिश की लेकिन आप इसमें सफल नहीं हो पाएं? अगर आप तमाम कोशिशों के बावजूद सिगरेट नहीं छोड़ पा रहे हैं तो आपको बता दें कि नार्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा स्मार्ट नेकलेस बनाया है, जो धूम्रपान छोड़ने में आपकी मदद कर सकता है। धूम्रपान एक ऐसा खतरा है, जो बहुत तेजी से बढ़ रहा है। बता दें कि ये गले में पहने जानी वाली डिवाइस है, जिसमें एक नीले रंग का पेंडेंट लगा होता है और ये धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को ये बताता है कि वह जरूरत से ज्यादा सिगरेट या फिर दूसरी चीजें पी रहा है।
दरअसल जब कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है तो गले में पहना जाने वाला ये पेंडेंट हल्की नीली रोशनी से लेकर हल्के हरे रंग के साथ नीला और ज्यादा सिगरेट पीने पर ये बैंगनी रंग के साथ नीली रंग की रोशनी छोड़ता है। ये स्टडी 13 फरवरी को प्रकाशित हुई है, जिसमें नई तकनीक के माध्यम से बचाव के उपायों का जिक्र किया गया है।
गले में पहना जाने वाला ये पेंडेंट दरअसल सिगरेट पीने सेनिकलने वाली गर्मी के संकेतों को पहचानता है और कितनी सिगरेट पी रहे हैं और कितने अंतराल पर पी रहे हैं ये सब बताता है। ये डिवाइस सिगरेट छोड़ चुके लोगों को वापस से सिगरेट पीने से रोकने में मदद करता है।
इस डिवाइस का नाम है SmokeMon। इतना ही नहीं ये स्मोकर की निजता का पूरा ध्यान रखता है और सिर्फ और सिर्फ गर्मी को ट्रैक करता है न कि विजुअल्स को। यही चीज इस डिवाइस को लोगों को पहनने के लिए सहज बनाती है।
दरअसल जब कोई व्यक्ति सिगरेट जलाता है और उसे अपने मुंह के पास लेकर कश लेता है और उससे कितनी देर तक अपने अंदर तक रखता है। इसके अलावा दो कश के बीच के वक्त और आप कितनी देर तक सिगरेट को मुंह में रखते हैं ये स्मोकिंग टोपोग्राफी कहलाती है।
स्मोकिंग टोपोग्राफी दो तरीकों के लिए बहुत जरूरी है। इस तकनीक की मदद से वैज्ञानिकों को ये पता लगाने में मदद मिलती है कि उन्होंने कितना कार्बन मोनोऑक्साइड लिया है। इसके अलावा उन्हें तंबाकू से होने वाले कैंसर, ह्रदय रोग, फेफड़ों से जुड़े रोग, स्ट्रोक, सीओपीडी, डायबिटीज जैसी बीमारियों और कैमिकल के संपर्क के बीच संबंध का पता लगाने में मदद मिलेगी।
स्मोकिंग टोपोग्राफी इसलिए भी जरूरी क्योंकि ये लोगों को धूम्रपान छोड़ने के अपने प्रयास में मदद करता है। दरअसल ये समस्या बहुत लोगों को रहती है लेकिन स्मोकिंग टोपोग्राफी की मदद से ऐसा करना आसान हो जाता है।
सिगरेट में हजारों की मात्रा में कैमिकल होते हैं, जो कि हानिकारक होने के साथ-साथ कई बीमारियों का भी कारण बनते हैं। बता दें कि दुनियाभर में 80 लाख से ज्यादा लोग धूम्रपान से अपनी जान गंवाते हैं। अकेले अमेरिका में हर साल 5 लाख से ज्यादा मौतें अमेरिका में होती है।