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Written By: Pallavi Kumari | Updated : May 17, 2022 9:32 AM IST
Skin mites living on your face: दुनियाभर में लाखों बैक्टीरिया, बग्स, वायरस, किटाणु और कीड़े मकोड़े के प्रकार हैं, जो कि अलग-अलग बीमारियों का कारण बनते हैं और कई बार सेहत से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा करते हैं। ऐसा ही कुछ माइट्स (mites in hindi) होते हैं जो कि असल में घुन जितने छोटे आकार के जंतु होते हैं और ये हमारे चेहरे के अंदर स्किन पोर्स में लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं। हाल ही में कई साइंस पत्रिकाओं ने इसके बारे में लिखा और बताया। इसमें बताया गया है कि हमारे चेहरे और आंखों की पलकों पर ढाई मिलियल माइट्स (2.5 million Skin mites living on your face in hindi) रहते हैं।
Npr.org में छपी इस रिपोर्ट की मानें तो, ये माइट्स असल में इतने छोटे होते हैं कि दिखते भी नहीं पर इनका स्वरूप खौफनाक और घिनौना होता है। ये आपके चेहरे के छिद्रों में छोटे-छोटे कणों के रूप में रहते हैं और इन्हें साइंस की भाषा में डेमोडेक्स (demodex mites on face) या आईलैश माइट्स (mites on eyelashes) के रूप में जाना जाता है और लगभग हर जीवित वयस्क मानवों पर ये कहीं ना कहीं रहता है। ये खुली आंखों से देखने के लिए बहुत छोटे होते हैं। लगभग 0.3 मिलीमीटर लंबे होते हैं।
फेस माइट्स स्वस्थ त्वचा का एक सामान्य हिस्सा हैं। ये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में निकट संपर्क के माध्यम से फैल सकते हैं। जैसे
- एक ही बिस्तर पर सोना।
- चेहरे को स्पर्श करने से
- किस (Kiss) करने के दौरान
-कमजोर इम्यूनिटी के कारण
-बालों से
-मिट्टी, धूल और तेल से
-हवा से
-चेहरे पर लंबे समय तक रहने वाली नमी से
-गंदगी और खराब स्किन केयर के कारण
हमारे स्किन में कुछ ऑयल ग्लैंड्स होते हैं जो कि सीबम (ऑयल) प्रड्यूस करते हैं और कई बार ऑयली स्किन का कारण भी होते हैं। सीबम का निर्माण वसामय ग्रंथियों में होता है, जो बालों के रोम में खाली हो जाता है और बालों के शाफ्ट और फेस माइट दोनों को कोट कर देता है। इसलिए आपके शरीर के सबसे चिकने हिस्से जहां ऑयल ज्यादा होता है वहां ये माइट्स दो सप्ताह तर जिंदा रहते हैं। जैसे कि
-आंखों की पलकों और कोरों पर
-नाक पर
-मुंह के आसपास
-गालों पर
ऐसे में आपको इन माइट्स के प्रोडक्शन को रोकना चाहिए और इससे बचना चाहिए। नहीं तो ये स्किन इंफेक्शन, एक्जिमा, रोशिया और फंगल इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं। इससे बचाव के लिए अपनी आंखों को रोजाना गर्म पानी से साफ कपरें। वार्म कंप्रेस से पलकों को साफ करें। आप चेहरे के डिमोडिकोसिस का इलाज दिन में दो बार नॉन-सोप क्लींजर से धोकर कर सकते हैं। साथ ही अपनी त्वचा पर किसी भी ऑयल बेस्ड क्लीन्ज़र या मेकअप का उपयोग करने से बचने की कोशिश करें और स्किन की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।