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सीने में जलन जैसी समस्याएं आज के समय में लोगों को लिए काफी आम हो गई हैं और अक्सर लोग सुबह उठते ही पेट में जलन, खट्टी डकार या सीने में जलन महसूस हुई, तो तुरंत एंटासिड की गोली या सिरप ले लेते हैं। आज के समय में यह आदत बहुत से लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है। लेकिन क्या रोज एंटासिड्स दवाएं लेना सुरक्षित है? हालांकि, कभी-कभार एंटासिड लेना आमतौर पर चिंता कोई चिंता की बात नहीं होती लेकिन अगर रोज खाली पेट इसकी जरूरत पड़ रही है, तो इसे केवल गैस समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। साकेत दिल्ली के मैक्स स्मार्ट हॉस्पिटल में इंटरनमेडिसिन डायरेक्टर एंड यूनिट हेड डॉ. नम्रिता सिंह ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।
सबसे पहले आपको एंटासिड्स के बारे में समझना होगा कि यह कोई आम दवा नहीं होती है, बल्कि यह पेट में अतिरिक्त एसिड को निष्क्रिय कर देती है, जिससे थोड़े समय के लिए राहत मिल जाती है। लेकिन इनका नियमित और लंबे समय तक इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के करना उचित नहीं है। अलग-अलग एंटासिड में अलग-अलग दवाएं होती हैं। कैल्शियम या एलुमिनियम युक्त दवाएं कब्ज कर सकती हैं, जबकि मैग्नीशियम युक्त दवाओं से दस्त हो सकते हैं। अत्यधिक या लंबे समय तक इस्तेमाल से कुछ लोगों में शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन और किडनी के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है।
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से या बार-बार एंटासिड ले रहा है या फिर फिर एसिड कम करने वाली कोई और दवा ( जैसे PPI) लंबे समय से ले रहा है, हो सकता है कि इनसे उसके स्वास्थ्य पर कुछ असर भी पड़ने लगे। इन दवाओं का उपयोग सिर्फ जरूरी मेडिकल कंडीशन में एक ट्रीटमेंट के रूप में किया जाता है और इन्हें गैस की समस्या से बचने के लिए नियमित रूप से लेने की सलाह नहीं दी जाती है। लंबे समय तक इस्तेमाल में कुछ पोषक तत्वों के अवशोषण पर असर पड़ सकता है और कुछ लोगों में विटामिन B12 या मैग्नीशियम की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
अगर आपको बार-बार गैस बनती है या सीने में जलन की समस्या होती है, तो उसके लिए बार-बार एंटासिड्स लेने की बजाय उसके अंदरूनी कारण का पता लगाना जरूरी है। रोज एसिडिटी होना GERD गैस्ट्राइटिस या पेप्टिक अल्सर जैसी समस्याओं का संकेत हो सकता है। केवल दवा लेकर लक्षण दबाने से मूल कारण का पता लगाने में देरी हो सकती है। एसिडिटी कम करने के लिए भोजन कम मात्रा में और समय पर लें, बहुत तला-भुना व मसालेदार भोजन कम करें, रात में सोने से कुछ घंटे पहले भोजन कर लें और खाने के तुरंत बाद न लेटें। वजन अधिक हो तो वजन कम करना भी लाभकारी हो सकता है।
यदि एसिडिटी बार-बार होती है या लगातार कई सप्ताह से बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लेना ही सबसे बेहतर विकल्प है। निगलने में परेशानी, बार-बार उल्टी, खून की उल्टी, काला मल, बिना कारण वजन कम होना या सीने में तेज दर्द जैसे लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। एंटासिड कभी-कभार राहत दे सकता है, लेकिन रोज खाली पेट इसकी जरूरत पड़ना शरीर का संकेत है कि समस्या की वजह जानने का समय आ गया है।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी उद्देश्य केवल केवल शैक्षणिक एवं सूचनात्मक है, जिसमें बार-बार एंटासिड्स या गैस कम करने वाली अन्य दवाएं लेना कई बार स्वास्थ्य को नुकसान पहुचा सकता है। Thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।