ब्रेस्ट कैंसर का उपचार ही बना रहा कैंसर रोगियों में इस परेशानी की सबसे बड़ी वजह! कारण जानकर उड़ जाएंगे होश

शोधकर्ताओं का कहना है कि हमारे निष्कर्ष ये संकेत देते हैं कि कैंसर के कारण होने वाली थकान कीमोथेरेपी के वर्षों बाद तक मरीज की शारीरिक स्थिति को प्रभावित करने का काम करती है।

WrittenBy

Written By: Jitendra Gupta | Published : August 22, 2022 6:13 PM IST

कैंसर के कारण होने वाली थकान जिसे (CRF) कहते हैं, ब्रेस्ट कैंसर के लिए कीमोथेरेपी के लंबे वक्त तक दिखाई देने वाले साइड-इफेक्ट में से एक है। इसकी वजह से क्रॉनिक बैलेंस से जुड़ी परेशानियां होने लगती है। अमेरिकन फिजिकल थेरेपी एसोसिएशन ऑन्कोलॉजी एकेडमी के आधिकारिक प्रकाशन रिहेबिलेशन ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में ये बात सामने आई है।

प्रसिद्ध हेल्थ प्रोफेशनल्स ने किया अध्ययन

वॉल्टर्स क्लूवर ने लिप्पिनकोट पोर्टफोलियो के हिस्से के रूप में ये जर्नल प्रकाशित किया है। मौजूद अध्ययन बोस्टन स्थित MGH Institute of Health Profession के PT, DPT, PhD,स्टीफन व्हीसलर ने किया है। ये अध्ययन अपने आप में पहला है, जो कीमोथेरेपी की अस्थिरता के कारण होने वाली परेशानियों को आंकता और उसकी तुलना करता है।

कैंसर के कारण थकान करती है परेशान

शोधकर्ताओं का कहना है कि हमारे निष्कर्ष ये संकेत देते हैं कि कैंसर के कारण होने वाली थकान कीमोथेरेपी के वर्षों बाद तक मरीज की शारीरिक स्थिति को प्रभावित करने का काम करती है। CRF की वजह से व्यक्ति की शारीरिक संरचना और उसके बैठने से लेकर खड़े होने तक की चीजों में अंतर दिखाई देने लगता है।

महिलाओं को होती है ये दिक्कत

बहुत सी महिलाएं, जो ब्रेस्ट कैंसर का शिकार होती हैं उन्हें शारीरिक के साथ-साथ आमतौर पर अपने डेली रूटीन के काम को करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन महिलाओं को संतुलन बनाने से लेकर गिरने तक का खतरा बढ़ जाता है। ये परेशानी नसों को होने वाले नुकसान से जुड़ी है, जो आमतौर पर कैंसर के उपचारके दुष्प्रभावों के कारण होता है। हालिया शोध बताते हैं कि लंबे वक्त तक थकान भी कैंसर और कैंसर के उपचार का एक साइड-इफेक्ट हो सकती है।

43 महिलाओं पर किया गया अध्ययन

शोधकर्ताओं की टीम ने 43 महिलाओं के डेटा की जांच की। इन महिलाओं ने ब्रेस्ट कैंसर के लिए कीमोथेरेपी ली थी। इन महिलाओं में CRF और शारीरिक अस्थिरता के बीच के संबंध का पता लगाने की कोशिश की गई। कैंसर थेरेपी के साढ़े तीन साल बाद तक मरीजों पर नजर रखी गई।

आधी से ज्यादा महिलाओं को ये परेशानी

CRF की उच्च दर होने के बाद भी थकान का औसतन स्कोर शून्य से 100 के पैमाने पर 43 मांपा गया। वहीं बात करें शारीरिक अस्थिरता की तो आधी से ज्यादा महिलाओं में ये परेशानी थी। अध्ययन में शामिल महिलाओं को संतुलन टेस्ट में भाग लेने के लिए कहा गया। जिन महिलाओं में थकान की समस्या ज्यादा थी उनमें आगे से लेकर पीछे तक शारीरिक सरंचना में गड़बड़ी पाई गई।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source