Skin diseases: विटिलिगो जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए हैदराबाद में खोला गया यूनानी हॉस्पिटल

विटिलिगो और अन्य पुरानी और जिद्दी बीमारियों के इलाज में सीआरआईयूएम की सफलता की सराहना की और कहा कि यह दुनिया का शायद एकमात्र चिकित्सा संस्थान है जिसने अकेले विटिलिगो के 1.5 लाख से अधिक रोगियों का उपचार किया है।

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Written By: Editorial Team | Published : November 3, 2019 9:18 PM IST

विटिलिगो (Vitiligo) जैसी स्किन प्रॉब्लम्स के इलाज के लिए केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद येसो नाइक ने हैदराबाद के अरगड्डा में एजी कॉलोनी रोड पर केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (सीआरआईयूएम) से उन्नत त्वचा विकारों के लिए यूनानी चिकित्सा के राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान (एनआरआईयूएमएसडी) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी भी उपस्थित थे।

त्वचा रोगों का होगा उन्नत इलाज:

इस अवसर पर नाइक ने विटिलिगो (Vitiligo) और अन्य पुरानी और जिद्दी बीमारियों के इलाज में सीआरआईयूएम की सफलता की सराहना की और कहा कि यह दुनिया का शायद एकमात्र चिकित्सा संस्थान है जिसने अकेले विटिलिगो के 1.5 लाख से अधिक रोगियों का उपचार किया है।

जी किशन रेड्डी ने अपने संबोधन में शोधकर्ताओं से कहा कि वे वेक्टर जनित बीमारियों, गैर-संचारी रोगों, कैंसर और तपेदिक जैसी स्वास्थ्य चुनौतियों से बचाव का सुरक्षित और व्यवहार्य समाधान खोजें।

आयुष मंत्रालय के अपर सचिव प्रमोद कुमार पाठक ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए वर्तमान स्वास्थ्य चुनौतियों पर प्रकाश डाला और सभी से इसके किफायती उपचारों के जरिये यूनानी चिकित्सा की क्षमता का दोहन करने की अपील की।

इससे पहले, केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (सीसीआरयूएम) के महानिदेशक प्रो. असीम अली खान ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि एनआरयूएमएसडी को सीसीआरयूएम के तहत केंद्रीय अनुसंधान संस्थान यूनानी चिकित्सा (सीआरआईयूएम) से एक प्रमुख संस्थान में अपग्रेड किया गया है। ।

क्या है विटिलिगो (Vitiligo) ?:-

विटिलिगो या ल्यूकोडर्मा एक तरह की स्किन प्रॉब्लम है। इस समस्या में शरीर पर सफेद धब्बे दिखायी पड़ने लगते हैं। इन धब्बों की वजह शरीर में मौजूद मेलेनोसाइट्स के नुकसान को माना जाता है। जिनकी अनुपस्थिति में त्वचा की ऊपरी परत पर सफेद रंग के धब्बे उभरने लगते होते हैं। यह शरीर के हेल्दी सेल्स को भी प्रभावित करता है, इसीलिए इस स्किन प्रॉब्लम के गम्भीर होने से यह पूरे शरीर पर भी फैल सकता है।

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