• हिंदी

नशे की गिरफ्त में हैं 20% भारतीय, हाल ही में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

नशे की गिरफ्त में हैं 20% भारतीय, हाल ही में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
Drug Addiction

कुछ वैश्विक आंकड़ों के मुताबिक लगभग 20% भारतीय नशे की गिरफ्त में हैं। वहीं दुनिया भर में अवैध दवाओं का व्यापार 30 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान लगाया गया है।

Written by intern23.seo |Published : February 9, 2024 4:06 PM IST

आज भारत का युवा वर्ग एक बड़ी संख्या में नशे की गिरफ्त में आता जा रहा है। नशीले पदार्थों के साथ ही युवाओं के बीच बढ़ती नशे की दवाओं की लत बेहद चिंता का विषय बनी हुई है। हाल ही में सामने आई एक खबर के मुताबिक नवी मुंबई में एक 23 वर्षीय युवक को 5 लाख रुपए से अधिक की नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार किया गया है। जिसमें पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशे की ये इस युवक को कहां से उपलब्ध हो सकीं। हालांकि भारत में नशीली दवाओं के पकड़े जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है, समय-समय पर इस तरह की खबर सामने आती रही हैं। भारत के कुछ राज्यों में इस समस्या का सामना बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। पिछले कुछ सालों की बात करें तो पंजाब में नशे का ये धंधा बहुत बड़ी समस्या के रूप में सामने आया है। हालांकि भारत सरकार और राज्य सरकारें इस पूरे नशे के कारोबार को ध्वस्त करने का हर संभव प्रयास करती हैं लेकिन हर बार सामने आते मामले इन प्रयासों की पोल खोलकर रख देते हैं।

हाल ही में सामने आए आंकड़े

ड्रग वॉर डिस्टॉर्शन और वर्डोमीटर के अनुसार दुनियाभर में अवैध दवाओं का व्यापार लगभग 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है। इसके साथ ही नेशनल ड्रग डिपेंडेंट ट्रीटमेंट रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 16 लोग शराब का सेवन करते हैं जिसमें महिलाओं का संख्या काफी अधिक है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आबादी के 10 से 75 साल के बीच के लगभग 20% लोग किसी न किसी तरह के नशे की गिरफ्त में हैं। ऐसे अनेक मामले देखने को मिलते हैं जिसमें सामने आता है कि बहुत कम आयु के बच्चे नशीली दवाओं की लत से जूझ रहे हैं।

कितना बड़ा है भारतीय दवा बाजार?

साल 2016 में जारी संयुक्त राष्ट्र औषधि और नियंत्रण कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2016 में पूरे विश्व में साल भर में 300 टन गांजा आपूर्ति का लगभग 6% अकेले भारत में खपत पाई गई। इसके अलावा साल 2017 में गांजे की वैश्विक आपूर्ति 300 टन से बढ़कर 353 टन हो गई। जिसमें भारत में लगभग 10% आपूर्ति की गई। कई आंकड़े बताते हैं कि साल 2017 तक भारत का अवैध दवा बाजार लगभग 10 लाख करोड़ रुपए का था।

Also Read

More News

सबसे ताजा रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 में, विश्व ड्रग रिपोर्ट के अनुसार भारत में दुनिया भर में जब्त की गई अफीम में भारत का स्थान चौथा था। वहीं भारत में मॉर्फ़ीन की तीसरी सबसे बड़ी मात्रा होने का भी अनुमान है।

नशे के लिए क्या है भारतीय कानून?

NDPS (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985) के नियम के मुताबिक भारत में नशीली दवाओं का सेवन और विक्रय करना दोनों ही कानूनी तौर पर सही नहीं है। इस नियम के मुताबिक इस तरह के मामलों का सुनवाई के लिए विशेष अदालतों का गठन किया जाना चाहिए और इसमें दोषियों को कम से कम 3 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। हालांकि इस धारा के मुताबिक दंड अपराध की प्रकृति के मुताबिक तय किया जाएगा।