कोरोना वायरस को लेकर जगी आशा की किरण, ठीक हुए मरीज निभा सकते हैं बड़ी भूमिका

कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिक रिसर्च कार्यों में जुटे हुए हैं। इस बीच वैज्ञानिकों (Shield Immunity and Coronavirus) में एक आशा की उम्मीद जगी है।

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Updated : May 12, 2020 6:31 PM IST

Shield Immunity and Coronavirus: पिछले कई महीनों से लोग कोरोना वायरस (Coronavirus) से काफी परेशान हो चुके हैं। आज के समय में यह एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है। इस वायरस की चपेट में अबतक लाखों लोग आ चुके हैं। वहीं, कई लोगों की जान भी जा चुकी है। हर रोज लाखों की तादाद में कोरोना वायरस के नए केसेज सामने आ रहे हैं। वहीं, हर रोज मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इस वजह से पूरी दुनिया इस वायरस को लेकर डरी हुई है। इस वायरस से कब पूरी दुनिया निजात पा सकती है, इस बारे में अभी कुछ भी कहना बहुत ही मुश्किल है। दुनियाभर के वैज्ञानिक रिसर्च कार्यों में जुटे हुए हैं। इस बीच वैज्ञानिकों (Shield Immunity and Coronavirus) में एक आशा की उम्मीद जगी है।

कुत्ता, बिल्ली और बाघ के बाद अब ये जानवर भी हुआ कोरोनावायरस का शिकार

हाल ही में एक रिसर्च सामने (Shield Immunity and Coronavirus) आई है। इस रिसर्च के अनुसार, कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीज कोरोना संक्रमण की दर को घटाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए, आर्थिक गतिविधियों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए लॉकडाउन में नरमी बरतने की तैयारी की जा रही है।

कोरोनावायरस के उपचार के लिए पिप्पली पर हो रहा अध्ययन, जानें इसके फायदे और नुकसान

शोधकर्ताओं द्वारा दावा किया गया है कि कोरोना वायरस से ठीक हुए मरीज से कोई खतरा नहीं होगा। इसके साथ ही ये लोग, मरीजों को ठीक करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अमेरिका के जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं का इस बारे में कहना है कि कोरोना वायरस से स्वस्थ हुए व्यक्ति में शील्ड इम्यूनिटी (Shield Immunity ) विकसित हो जाती है। ऐसे में इन मरीजों के संपर्क में आने से कोई खतरा नहीं होता है। इन लोगों को ऐसी जगहों पर काम करने के लिए कहा जा सकता है, जहां लोगों के संपर्क में ज्यादा आना पड़ता है। इन कार्यों में स्वास्थ्य सेवा भी शामिल है। शील्ड इम्यूनिटी की वजह से ऐसे लोग दोबारा संक्रमित होने से बच सकेंगे और इससे कोरोना के प्रसार में भी कमी आ सकती है।

इस रिसर्च को जर्नल नेचर मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है। इस रिसर्च के शोधकर्ता डॉ. जोशुआ विट्ज का कहना है कि ऐसे लोगों की मदद से कोरोना वायरस के प्रसार को रोका जा सकता है या फिर धीमा किया जा सकता है। हालांकि, इन लोगों में शील्ड इम्यूनिटी की क्षमता कब तक रहेगी, इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।

Corona & Vitamin D: विटामिन डी की कमी होने से बढ़ सकता है कोरोना से मौत का खतरा, जरूर खाएं ये आहार

Covid-19 Vaccine: इटली ने कोरोना वैक्सीन बनाने का किया दावा, इंसानों की कोशिकाओं पर हुआ सकारात्मक असर

कोरोना के मरीजों के लिए खतरनाक है कफ सिरप, वैज्ञानिकों का दावा

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source