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Written By: Jitendra Gupta | Updated : June 27, 2022 4:57 PM IST
हाथ-पैर और रीढ़ की हड्डियों को नुकसान पहुंचा रहा कोरोनावायरस! स्टडी में दावा 25 फीसदी हड्डी हो जाती है खराब
इंसानों और जानवरों पर हुए एक अध्ययन में ये सामने आया है कि कोविड आपकी हड्डियों को नुकसान पहुंचा रहा है। अध्ययन के मुताबिक, गंभीर रूप से बीमार होने के दौरान या फिर बीमारी से ठीक होने के बाद भी कोविड आपकी हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है। इंडियाना यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन द्वारा जनवरी महीने में किए गए अध्ययन में ये पाया गया कि कोरोनावायरस बहुत तेजी से हड्डियों को नुकसान पहुंचा रहा है फिर चाहे आपको संक्रमण के हल्के-फुल्के लक्षण ही क्यों न दिखाई दिए हों।
ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग के शोधकर्ताओं ने ये पता लगाया है कि कोरोनावायरस से संक्रमित चूहों की करीब 25 फीसदी तक हड्डियां क्षतिग्रस्तपाई गई है। ये नतीजे संक्रमित होने के दो सप्ताह भीतर सामने आए हैं। इतना ही नहीं शोधकर्ताओं ने पाया कि चूहे में ऑस्टियोक्लैस्ट का खतरा 63 फीसदी तक बढ़ा हुआ पाया गया। ऑस्टियोक्लैस्ट एक प्रकार की कोशिकाएं हैं, जो हड्डियों को तोड़ने और दोबारे से अवशोषित करने का काम करती हैं।
ये बादल उन चूहों में देखे गए, जिनमें संक्रमण के हल्के या फिर किसी प्रकार के लक्षण मौजूद नहीं थे।
हॉन्ग-कॉन्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पिछले महीने साइबेरियन हैमस्टर नाम की चूहे के बोन मेटाबॉलिज्म पर कोविड इंफेक्शन के प्रभाव की अपनी जांच को प्रकाशित किया था। उन्होंने कहा था कि उनका हैमस्टर मॉडल अभी तक के इंसानों में कोविड का सबसे करीबी रूप है।
शोध के मुताबिक, हैमस्टर के कोविड से संक्रमित होने के 4 दिन बाद उनकी हड्डियों के टिश्यू को निकाला गया और थ्री डाइमेंशन माइक्रोकंप्यूटराइज्ड सीटी स्कैन के माध्यम से विश्लेषण किया गया।
अध्ययन में ये पाया गया कि कोविड इंफेक्शन गंभीर रूप से हड्डियों को नुकसान पहुंचाता है, विशेष रूप से लंबी हड्डियों में मौजूद ट्रैबीक्यूलर बोन और लंबर वर्टीब्रे को।
बता दें कि ट्रैबीक्यूलर बोन एक नरम, स्पंजी और लचीली प्रकार का बोन टिश्यू होता है, जो लंबी हड्डियों के अंत में शॉक एब्जोर्बर के रूप में काम करता है। चूंकि आपके चलने, दौड़ने या फिर भार उठाने से लेकर दूसरी चीजों को करने में ट्रैबीक्यूलर बोन कोशिकाओं को बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। जब ये टूटती है तो हमारे शरीर में अवशोषित होने लगती हैं।
ये एक प्रकार की विशेष हड्डी होती है, जो ओस्टियोपोरोसिस के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होती है।
इस तरह के मामलों के बारे में शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड का पता लगाने वाला इंफ्लेमेटरी रिस्पॉन्स ओस्टियोक्लैस्ट्स को सक्रिय करने का काम करता है, जो बोन टिश्यू को टूटने के लिए जिम्मेदार होता है।