HMPV वायरस की वजह से लगेगा लॉकडाउन! जानिए कितना खतरनाक है चाइना से आया ये संक्रमण

Lockdown after HMPV: चीन में तेजी से फैल रहे वायरस एचएमपीवी से जुड़ी खबरों के बीच भारत में इस बात को लेकर लोग में चिंता बढ़ गयी है कि क्या अब दोबारा लॉकडाउन लग सकता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 7, 2025 2:06 PM IST

चीन से भारत पहुंचे एचएमपीवी वायरस की वजह से हर तरफ चिंता और हाहाकार का माहौल है। सोमवार को ही कर्नाटक, गुजरात और फिर तमिलनाडु में एचएमपीवी वायरस के  मामले (HMPV Cases in India) सामने आए। ये सभी मामले छोटे बच्चों से जुड़े हुए हैं। बता दें कि, एचएमपीवी वायरस के कुछ मामले मलेशिया और हांगकांग में भी पाए गए हैं, वहीं, भारत में भी एचएमपीवी वायरस को लेकर डर का माहौल है। एचएमपीवी वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब हर तरफ यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या एचएमपीवी वायरस कोविड-19 जैसा खतरनाक है और क्या एचएमपीवी वायरस की वजह से एक बार फिर लॉकडाउन (Lockdown in India) लग सकता है?

एक्सपर्ट्स के अनुसार,ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस या एचएमपीवी वायरस से संक्रमण का पता लगने में समय भी लग सकता है क्योंकि कोरोना की तरह ही इसके लक्षण भी सामान्य और सीजनल समस्याओं जैसे ही होते हैं। इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति में सर्दी, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण (Symptoms of HMPV infection) देखने को मिल सकते हैं। लोग इन्हें साधारण समझकर नजअंदाज भी कर सकते हैं। वहीं, चीन में HMPV के बेतहाशा बढ़ते केसेस को ध्यान में रखते हुए भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी तैयारियां तेज करने की बात कही है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि, स्थिति पर भारत में कड़ी नजर रखी जा रही है और वायरस से निपटने के लिए सभी तरह की तैयारियां की जा रही हैं।

क्या HMPV के कारण भारत में लगेगा लॉकडाउन?

डॉ. राजा धर (Dr. Raja Dhar, Head of Department, Pulmonology at CMRI Hospital, Kolkata) कहते हैं कि, एचएमवीपी वायरस छोटे बच्चों और शिशुओं को सबसे पहले प्रभावित करता है और बच्चे में तेज बुखार के साथ, सर्दी-खांसी और सांस लेने से जुड़ी समस्याएं इसके प्रमुख लक्षण हैं। वहीं वयस्कों और बुजुर्गों में भी इसी तरह के लक्षण दिखायी दे सकते हैं।

हालांकि, आमतौर पर फ्लू के जो भी केसेस सामने आ रहे हैं उनमें से बहुत कम संख्या में ही केसेस एचएमपीवी वायरस के हैं और उनमें से बहुत गम्भीर मामले जिनमें मरीज को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ता है, उनमें से भी 20% मामलों में ही एचएमपीवी वायरस से संक्रमित होने के सबूत मिल रहे हैं।  हालांकि, कोविड-19 के केसेस के फैलने के बाद जिस तरह देश में 3 बार लॉकडाउन लगाया गया था  उस तरह की स्थितियां क्या  एचएमपीवी वायरस की वजह से बन सकती हैं इस बारे में डॉक्टर धर ने किसी तरह की भविष्यवाणी नहीं की है।

कॉमन फ्लू से कितना अलग है HMPV ?

इस बीच स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल (Dr Atul Goel, Directorate General of Health Services)  ने कहा है कि, एचएमपीवी हवा के माध्यम से फैलने वाला संक्रमण है। लेकिन यह सामान्य फ्लू की तरह ही है और इसके लक्षण भी फ्लू से मिलते-जुलते से ही हो सकते हैं। हालांकि, इस वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है।

भारत में क्यों नया नहीं है एचएमपीवी वायरस!

एक्सपर्ट्स के अनुसार, कोविड-19 के उलट एचएमपीवी वायरस काफी वर्षों पहले ही अस्तित्व में आ चुका था। वहीं, भारत में जो एचएमपीवी के मामले पाए गए हैं उनमें मरीजों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री भी नहीं है। इसका अर्थ है कि एचएमपीवी वायरस किसी बाहरी देश से भारत नहीं आया है और यह भारत में पहले से मौजूद है। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि भारत में लोगों में एचएमपीवी वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी तैयार हो चुकी है और उनका शरीर इस वायरस का सामना भी कर लेगा। यह एक पुराना वायरस है और इसकी वजह से कोविड-19 महामारी जैसी स्थितियां बनने  की संभावना भी कम ही है। हालांकि, डॉक्टर और DGHS की तरफ से लोगों को सावधानियां बरतने और संक्रमित लोगों से दूर रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय या किसी अन्य हेल्थ एजेंसी की तरफ से अभी तक इस बात के कोई संकेत नहीं दिए गए हैं कि आनेवाले समय में यह वायरस कोविड-19 की तरह फैल सकता है या देश में लॉकडाउन लगाने की जरूरत पड़ सकती है ।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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