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100 फीसदी कारगर और आधा दाम ये है सर्वाइकल कैंसर के लिए बनी देश की पहली स्वदेशी वैक्सीन! WHO ने बताया अच्छी खबर

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अडार पूनावाला ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। पूनावाला का कहना है कि ये वैक्सीन किफायती होने के साथ-साथ कारगर भी सिद्ध होगी।

100 फीसदी कारगर और आधा दाम ये है सर्वाइकल कैंसर के लिए बनी देश की पहली स्वदेशी वैक्सीन! WHO ने बताया अच्छी खबर
100 फीसदी कारगर और आधा दाम ये है सर्वाइकल कैंसर के लिए बनी देश की पहली स्वदेशी वैक्सीन! WHO ने बताया अच्छी खबर

Written by Jitendra Gupta |Published : July 14, 2022 10:13 AM IST

सर्वाइकल कैंसर, कैंसर का एक ऐसा प्रकार है, जो देश में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। इस कैंसर की रोकथाम जितनी जल्दी हो जाए उतना अच्छा होता है क्योंकि स्थिति बिगड़ने पर ये जानलेवा भी साबित हो सकता है। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए भारत अब अपनी पहली वैक्सीन तैयार कर रहा है, जो सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में प्रभावी साबित हो सकती है।

अडार पूनावाला ने वैक्सीन को बताया कारगर

भारत की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अडार पूनावाला ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। पूनावाला का कहना है कि ये वैक्सीन किफायती होने के साथ-साथ कारगर भी सिद्ध होगी।

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डब्लूएचओ ने कहा 'अच्छी खबर'

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख वैज्ञानिक सौम्य स्वामीनाथन ने अडार पूनावाला के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि ये अच्छी खबर है।

कम दाम में कारगर वैक्सीन

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की 'सर्वावैक' (Cervavac) एक क्वाडरीवैलेन्ट ह्यूमन पैपिलोमावायरस (qHPV) वैक्सीन है, जो न सिर्फ दाम में काम होगी बल्कि ये भारतीयों के लिए बहुत किफायती भी होगी। अभी तक जो बाजार में विकल्प मौजूद हैं, वे सभी बाहर के हैं और बहुत ज्यादा महंगे हैं।

ऐसा माना जा रहा है कि एचपीवी वैक्सीन की कीमतों में कम से कम आधी की गिरावट होने की संभावना है क्योंकि भारत का अब अपना प्रोडक्ट बाजार में दस्तक देने के लिए तैयार है। बताया जा रहा है कि ये वैक्सीन इस साल नवंबर महीने के अंत बाजार में आ सकती है। लेकिन जिस तरीके से बातें सामने आ रही है उसे देखते हुए ये लग रहा है कि सितंबर में ये वैक्सीन बाजार में आ सकती है।

5 से 8 हजार का होता था खर्चा

एक अंग्रेजी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में किसी मंजूरी प्राप्त वैक्सीन की डोज लगवाने के लिए अभी एक व्यक्ति को 5 से 8 हजार रुपये खर्च करने होते हैं। बाजार में फिलहाल दो विकल्प मौजूद हैं, मार्क शार्प एंड डोह्मे की गार्डासिल (qHPV वैक्सीन) और दूसरी जीएसके की सर्वारिक्स (बायवैलेंट एचपीवी वैक्सीन)।

दो से तीन डोज में लगती है वैक्सीन

गार्डासिल की एक शीशी की कीमत 3297 रुपये है तो सर्वारिक्स की कीमत 2640 रुपये। ये इंजेक्शन कई महीनों के अंतराल पर दो से तीन डोज में लगाया जाता है। अगर किसी व्यक्ति को पूरी डोज नहीं लगती है तो उस व्यक्ति को एचपीवी वायरस से पूरी तरह सुरक्षा नहीं मिल पाती है।

2019 में हुआ था ट्रायल शुरू

भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ने 2019 में इस वैक्सीन का ट्रायल शुरू किया था, जिसमें 9 से 26 साल की उम्र की 2000 से ज्यादा महिलाएं इसमें शामिल थीं। ये ट्रायल 12 शहरों में चले थे, जिसमें नई दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेंज, वेल्लोर स्थित क्रिश्चयन मेडिकल कॉलेज और महाराष्ट्र के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल और कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट शामिल हैं।

आधाकारिक बयान के मुताबिक, फेस-3 के नतीजों ने महिलाओं में 100 फीसदी इम्यून रिस्पॉन्स दिखाया है, जो कि सुरक्षा देने में प्रभावी है।

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2019 में 45 हजार महिलाओं की हुई थी मौत

डब्लूएचओ के मुताबिक, पिछले 5 साल में हर 10 में से एक महिला को सर्वाइकल कैंसर होता है। 2019 में इस कैंसर से करीब 45 हजार महिलाओं की मौत हुई थी।

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