
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : June 2, 2022 2:02 PM IST
नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप (एनटीएजीआई) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सामने सिफारिश रखी कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में एचपीवी वैक्सीन को भी राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (National Immunization Programme) में शामिल किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने वाली वैक्सीन को 9 से 14 वर्ष की लड़कियों को देने की योजना बनाई है। हालांकि, यह टीका वर्तमान में सिर्फ प्राइवेट अस्पतालों में ही उपलब्ध है और इसका लागत लगभग 4000 रुपये प्रति खुराक है। इस विषय से जुड़े लोगों ने कहा है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा इस साल नवंबर के महीने तक सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने वाली वैक्सीन को लॉन्च करने की उम्मीद है।
What is cervical cancer in hindi: सर्वाइकल या सर्विक्स को हिन्दी में गर्भाशय ग्रीवा कहा जाता है, जो वास्तव में महिलाओं के गर्भाशय का नीचे वाला छोटा सा हिस्सा होता है। गर्भाशय ग्रीवा में होने वाले कैंसर को ही गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर कहा जाता है और यह आमतौर पर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के कारण होता है। सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित कुछ लोगों को लक्षण बहुत ही देरी से महसूस होते हैं, जबकि कुछ लोगों को जल्दी ही इसके लक्षण दिखने लग जाते हैं जिनमें निम्न शामिल हैं -
किसी भी बीमारी का समय रहते इलाज करने और उससे बचाव करने के लिए उस बीमारी के प्रति पर्याप्त जागरूकता होनी जरूरी है। भारत में सर्विक्स कैंसर के प्रति लोगों में बहुत ही कम जागरूकता है और यही कारण है कि बार महिलाओं को गंभीर जटिलताओं का सामना करना पड़ जाता है। यहां तक कि कुछ लोग को सर्वाइकल कैंसर को गर्दन से संबंधित कैंसर समझ लेते हैं।
किसी देश या क्षेत्र में किसी बीमारी का तेजी से फैलने या वहां सबसे ज्यादा मामले होने का कारण उस बीमारी के प्रति जागरूकता की कमी है। भारत में सर्वाइकल कैंसर के हर साल लगभग 80,000 से 90,000 मामले दर्ज किए जाते हैं। आपको बता दें कि यह आंकड़ा दुनिया में सबसे ज्यादा है।
How to prevent cervix cancer in hindi: गर्भाशय ग्रीवा के प्रति जागरूकता ही इसकी रोकथाम करने का सबसे प्रमुख तरीका है। समय-समय पर अपने यौन अंगों की जांच कराने और अंगों की उचित रूप से सफाई रखने से सर्वाइकल कैंसर के मामलों को विकसित होने या उन्हें गंभीर होने से कुछ हद तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा असुरक्षित यौन संबंध न बनाना, धूम्रपान छोड़ना और सेकंड हैंड स्मोक से बचना आदि भी सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम करने के लिए बहुत जरूरी है।