
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : March 20, 2018 12:52 PM IST
Image credits by: Sedentary lifestyle: Yes, it is true your sedentary lifestyle can give you cellulite. Sitting for too long at a place decreases the blood circulation to the lower body, causing cellulite suggests a study published in the Journal of Cosmetic and Laser Therapy [5].
भारत की अग्रणी सामान्य बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने हाल ही में स्वास्थ्य तथा गंभीर रोगों के प्रति लेकर महिलाओं की जागरूकता समझने के लिए एक सर्वे का आयोजन किया। यह सर्वेक्षण महिलाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में बातचीत में तेज़ी लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, ताकि वे अपनी सेहत के बारे में जान सकें। इस सर्वेक्षण में मेट्रो और गैर-मेट्रो यानि छोटे शहरों सहित 8 स्थानों पर रहने वाली 22 से 45 वर्ष की उम्र की 1000 कामकाजी महिलाओं ने हिस्सा लिया जिन्होंने ऑनलाइन इंटरव्यू की मदद से यह सर्वे पूरा करने में मदद की।
कंपनी द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार, महानगरों में 68 प्रतिशत महिलाओं का मानना है कि स्वस्थ रहने के लिए कोई भी शारीरिक गतिविधि/व्यायाम बहुत महत्वपूर्ण है। हालांकि, केवल 33 प्रतिशत महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देती हैं, इनमें भी बड़ी हिस्सेदारी महानगरों में रहने वाली महिलाओं की है। सर्वेक्षण में महिलाओं की जिंदगी में शारीरिक गतिविधियों के महत्व का उल्लेख किया गया और यह भी बताया गया कि इस दिशा में जागरूकता की कमी के क्या बुरे परिणाम होते हैं।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के इस सर्वे में एक और महत्वपूर्ण पहलू का खुलासा हुआ कि देश की महिलाएं यह मानती हैं कि नियमित चैकअप बहुत महत्वपूर्ण नहीं है। हैरानी की बात यह है कि सर्वे में उत्तर देने वाली 79 प्रतिशत महिलाएं 2 साल में सिर्फ एक बार मेडिकल चैकअप कराती हैं। मेट्रो शहरों की महिलाएं अपनी स्वास्थ्य संबंधी देखभाल की तरफ ध्यान नहीं देने के लिए ‘भागदौड भरी व्यस्त दिनचर्या‘ का बहाना बनाती हैं, वहीं गैर मेट्रो शहरों की महिलाएं जागरूकता की कमी के कारण यह मान लेती हैं कि वे पूरी तरह फिट हैं।
सर्वेक्षण के दौरान देश में गंभीर बीमारियों में वृद्धि के बारे में एक महत्वपूर्ण तथ्य की जानकारी सामने आई है। सुस्त और निष्क्रिय जीवन शैली, काम का भारी दबाव, देर तक काम करना और खाने पीने की खराब आदतें- कुछ ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से गंभीर बीमारियों में वृद्धि हुई है। गंभीर बीमारियों की बात करें, तो उच्च रक्तचाप यानि हाइपरटेंशन, ब्रेस्ट कैंसर, सर्विकल कैंसर और डिप्रेशन या अवसाद जैसे रोग मेट्रो शहरों की महिलाओं में काफी आम हैं।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के चीफ-अंडरराइटिंग क्लेम्स एंड रीइंश्योरेंस संजय दत्ता इस सर्वे के परिणामों पर टिप्पणी करते हुए कहते हैं- ‘‘आईसीआईसीआई लोम्बार्ड स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में विश्वास रखता है। इस सर्वे के साथ, हम यह समझना चाहते थे कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य को लेकर कितनी सचेत हैं। सर्वेक्षण में सफलतापूर्वक यह बात निकलकर सामने आई कि कैसे महिलाएं अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन की जिम्मेदारियां उठाते हुए अपने खुद के स्वास्थ्य पर बहुत कम ध्यान दे पाती हैं। यह सर्वेक्षण महिलाओं के लिए नियमित तौर पर स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है, ताकि वे खुद को स्वस्थ रख सकें और संतुलित जीवन शैली बनाए रख सकें।”
सर्वेक्षण के कुछ अन्य निष्कर्षों से पता चला है कि व्यायाम नहीं करने के कारण 88 प्रतिशत महिलाओं में गंभीर रोग बढ़ रहे हैं और स्वास्थ्य बीमा लेने वाली 22 प्रतिशत महिलाओं में से सिर्फ 6 प्रतिशत के पास क्रिटिकल इलनेस कवर है।
स्रोत: Press Release.
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