
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 5, 2020 10:40 AM IST
साइंटिस्ट ने खोज ली कोरोनावायरस की कमजोरी, कहा- नॉर्मल पानी है कोरोनावायरस का इलाज
दुनिया भर में 160 से अधिक समूह COVID-19 वैक्सीन बनाने पर तेजी से काम कर रहे हैं। इनमें से कुछ वैक्सीन ऐसी हैं जो तीसरे फेस में काम कर रही हैं जबकि कुछ वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल भी सफल हो चुका है। हालांकि अभी तक किसी भी वैक्सीन पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई है। इन्हीं सब के बीच रूसी वैज्ञानिकों ने कोरोनावायरस की दवा तो नहीं लेकिन इसकी कमजोरी ढूंढ ली है। जी हां, सही सुन रहे हैं आप! साइबेरिया के नोवोसिबिर्स्क स्थित रूस के वैक्टर एंड रिसर्च बायोटेक्नोलॉजी के रिसर्च सेंटर से रिसर्च टीम के शोधकर्ताओं का कहना है कि कमरे के तापमान में रखा पानी कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद कर सकता है।
वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी के वैक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं का कहना है कि नॉर्मल वॉटर यानि कि सादा पानी कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने में मदद कर सकता है। अध्ययन में, यह पाया गया कि कोरोनवायरस के 90 प्रतिशत कण 24 घंटे के अंतराल में कमरे के तापमान के पानी में मर गए, जबकि 99.9 प्रतिशत 72 घंटों में नष्ट हो गए।
रूसी शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में यह भी पाया है कि उबले हुए पानी में कोरोनावायरस तुरंत मर जाता है। क्योंकि इसमें वायरस को तुरंत और पूरी तरह से मारने की क्षमता होती है। इस लिहाज से यदि संभव हो तो इन दिनों पानी को उबालकर पीएं और नहाने के लिए भी पहले पानी को उबाल लें और फिर उसे ठंडा कर नहाएं। इससे संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। साथ ही, स्पुतनिक न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं की टीम ने यह भी पाया कि क्लोरीनयुक्त पानी वायरस को मारने में वास्तव में प्रभावी है। रिपोट में साफ हुआ है कि कोरोना नामक वायरस क्लोरीनयुक्त पानी और समुद्री जल में अपने कणों को नहीं बढ़ाने में अक्षम रहता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर टेड्रोस ऐडनम ने अपने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, कोरोनावायरस के लिए अभी तक कोई रामबाण इलाज नहीं मिल सका है और शायद ही आगे इसका रामबाण इलाज मिल सके। उन्होंने आगे यह भी कहा कि हालात अभी सामान्य होने में काफी समय लगेगा। 3 महीने पहले ही WHO की इमर्जेंसी कमिटी बैठक हुई थी। इसके बाद से दुनियाभर में कोरोनावायरस फैलने के मामले पांच गुना से अधिक यानि 1.75 करोड़ पहुंच चुके हैं और मौत का आंकड़ा तीन गुना हो चुका है।