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स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए और उसके बारे में जानकारी प्रदान करते हुए, सरोज सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने टाटा पावर देल्ही डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के साथ मिलकर नई दिल्ली के इंद्रपुरी में एक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया।
इस शिविर में सभी आयु वर्ग के 100 से अधिक स्थानीय लोग उपस्थित हुए, जिसमें निःशुल्क मेडिकल कंसल्टेशन, कार्डियोलॉजी स्क्रीनिंग, आर्थोपेडिक कंसल्टेशन की सुविधाएं प्रदान की गई और फिजियोथेरेपी तथा पोषण से संबंधित सलाह दी गई। स्वास्थ्य संबंधी मूल्यांकन में ईसीजी मॉनिटरिंग, रक्त शर्करा माप, रक्तचाप माप, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और नेत्र जांच शामिल थे। इसके अलावा, रजोनिवृत्त महिलाओं और 55 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों के बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) की भी जाँच की गई।
सरोज हॉस्पिटल के शिविर आयोजन समिति के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग कराने से लंबा और स्वस्थ जीवन जीने की संभावना काफी बढ़ जाती है। आयु सीमा और स्वास्थ्य की स्थितियों के अनुसार, ऐसे चेकअप अक्सर मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक रूप से किए जाने चाहिए। किसी बीमारी की जल्द पहचान और स्क्रीनिंग किसी व्यक्ति में संभावित समस्याओं के जोखिम की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जिसे कुछ दवा या जीवनशैली में सुधार कर ठीक किया जा सकता है या रोका जा सकता है। अब बीमारियों के पैटर्न में भी बदलाव आ गया है। पहले संचारी रोग अधिक व्यापक थे, लेकिन अब इनका प्रकोप कम हो गया है और उच्च रक्तचाप, मधुमेह, और जीवन षैली से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियां अधिक व्यापक हो गई हैं।’’
सालों से चिकित्सकों के द्वारा यह बार-बार कहा जाता रहा है कि किसी व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए नियमित रूप से चिकित्सा जांच करानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें कोई अज्ञात बीमारी नहीं है। नई दिल्ली स्थित सरोज सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल किसी भी सार्वजनिक पहल और समाज सेवा में मदद करने के लिए हमेशा आगे रहा है।
इस शिविर में उपस्थित मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई, साथ ही उन्हें सलाह और परामर्श भी दिया गया। इसमें बड़ी संख्या में भाग लेने वाले लोगों में मध्यम आयु वर्ग के काफी लोग थे, जिन्हें रक्तचाप, शुगर, नेत्र आदि से संबंधित बुनियादी स्वास्थ्य समस्याएं थीं। लोगों को समय पर जांच और इलाज कराने के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई और यह भी बताया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए यह कितना महत्वपूर्ण है। पहले प्रदूशित पानी से होने वाली बीमारियां का प्रकोप अधिक था, लेकिन इनका स्थान अब जीवनशैली से संबंधित बीमारियों ने ले ली है।