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साइना नेहवाल को गैस्ट्रोएन्टेराइटिस की हुयी परेशानी, जानें इस बीमारी के खतरे और इलाज

गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी मुख्यतः संक्रमण की बीमारी है। गैस्ट्रोएन्टेराइटिस की बीमारी में इंसान डायरिया और अतिसार का शिकार भी हो सकता है। गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी को स्टमक फ्लू के नाम से भी जाना जाता है।

Written By akhilesh dwivedi
Published : March 14, 2019 8:37 PM IST

साइना नेहवाल ने अपनी बीमारी के बारे में अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखा है कि ‘ बुरी खबर है। पिछले सोमवार से पेट में बहुत दर्द हो रहा था। दर्द के बावजूद ऑल इंग्लैंड के कुछ मैच किसी तरह से खेल लिए, लेकिन अब स्विस ओपेन से हटने और भारत वापस आने का फैसला किया है।’’ @NSaina

बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को गैस्ट्रोएन्टेराइटिस की बीमारी हो गयी है। साइना नेहवाल ने अपनी बीमारी के बारे में अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखा है कि  बुरी खबर है। पिछले सोमवार से पेट में बहुत दर्द हो रहा था। दर्द के बावजूद ऑल इंग्लैंड के कुछ मैच किसी तरह से खेल लिए, लेकिन अब स्विस ओपेन से हटने और भारत वापस आने का फैसला किया है।’’ साइना नेहवाल को होने वाली बीमारी गैस्ट्रोएंटेराइटिस एक पेट की बीमारी है जिसे जठरांत्र शोध के नाम से भी जाना जाता है। गैस्ट्रोएंटेराइटिस में पेट में तेज दर्द होता है। गैस्टोएन्टराइटिस बीमारी पाचन तंत्र में संक्रमण और सूजन की वजह से होने वाली बीमारी है।

गैस्ट्रोएन्टराइटिस बीमारी क्या है ?

गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी मुख्यतः संक्रमण की बीमारी है। गैस्ट्रोएन्टेराइटिस की बीमारी में इंसान डायरिया और अतिसार का शिकार भी हो सकता है। गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी को स्टमक फ्लू के नाम से भी जाना जाता है।

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गैस्ट्रोएन्टेराइटिस की बीमारी नोरोवायरस, रोटावायरस, एस्ट्रोवायरस की वजह से होती है। गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी अक्सर दूषित भोजन या पानी पीने की वजह से होती है। खाने-पीने की चीज के साथ इसके वायरस पेट में चले जाते है और शरीर में संक्रमण फैलाते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को इस बीमारी से ज्यादा खतरा होता है।

गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी के मुख्य लक्षण 

गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी में उल्टी-दस्त की परेशानी होने के साथ तेज ठंड लग सकती है। स्किन में हल्की जलन भी गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी में होती है। कुछ लोगों को बुखार के साथ पसीना भी आ सकता है। गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी अतिसार, जोड़ों में दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या भी होती है।

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रोटावायरस, एस्ट्रोवायरस और बैक्टीरिया के कारण फैले संक्रमण की वजह से यह बीमारी कभी-कभी घातक भी हो सकती है। गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी बीमारी का इलाज समय पर होना बेहद जरूरी होता है। लापरवाही के कारण आंत्रशोध की समस्या भी हो सकती है।

गैस्ट्रोएन्टेराइटिस के खतरे

अध‍िक गर्मी और बारिशों के दिनों में इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। यह मौसम इस बीमारी के जीवाणुओं को पनपने के लिए माकूल माहौल देता है। इस मौसम में कटे हुए फल, सब्जियां एवं अन्य पदार्थ शीघ्र खराब हो जाते हैं।

मक्खी, मच्छर इन जीवाणुओं को एक खाद्य पदार्थ से दूसरे खाद्य पदार्थ तक ले जाते हैं। जब इसका प्रयोग करते हैं तो जीवाणु शरीर के अन्दर चले जाते हैं और व्यक्ति बीमार पड़ जाता है। दूष‍ित पानी भी इस बीमारी के फैलने का दूसरा अहम कारण है।

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