hamburger icon
A
Read in English

हेल्थ इंश्योरेंस में बदलाव के बाद क्या गांव में बैठे लोग भी ले पाएंगे इसका लाभ? कितना देना होगा प्रीमियम?

आइए जानते हैं केंद्र सरकार द्वारा लाए गए सबका बीमा सबकी सुरक्षा 2025 कानून बनने के बाद इंश्योरेंस का फायदा कैसे गांव के लोग भी उठा पाएंगे।

WrittenBy

Written By: Ashu Kumar Das | Published : December 18, 2025 5:12 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Rakesh Jain

Sabka Bima Sabki Raksha Bill 2025: केंद्र सरकार द्वारा आम लोगों तक हेल्थ इंश्योरेंस पहुंचाने के लिए “सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानूनों में संशोधन) विधेयक, 2025” को पास किया गया है। सबका बीमा सबकी रक्षा विधेयक का उद्देश्य भारत के बीमा (Insurance) सेक्टर में बड़े सुधार लाना है ताकि हर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हर नागरिक तक बीमा सेवाओं की पहुंच बढ़ सके। इन बदलावों के तहत भारत के बीमा सेक्टर में विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को 74% से बढ़ाकर 100% कर दिया गया है।

100%FDI करने का मुख्य उद्देश्य बीमा की सेवाओं को बेहतर और सस्ता करना है। केंद्र सरकार द्वारा बीमा को लेकर लाए गए नए विधेयक के पास होने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या गांव में रहने वाले लोगों को भी इसका फायदा होगा? अगर हां तो ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बीमा के लिए कितना प्रीमियम देना होगा। आइए जानते हैं इन सवालों का जवाबइंडसइंड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के CEO राकेश जैन (Rakesh Jain, CEO, IndusInd General Insurance Company Limited) से।

क्या गांव में बैठे लोग भी ले पाएंगे इसका लाभ?

हां, बीमा बिल में आए बदलाव का असर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी फायदा पहुंचाएगा। पहले ग्रामीण इलाकों में बीमा कंपनियों या एजेंटों की कमी के कारण लोग पॉलिसी नहीं ले पाते थे। इस बिल के बाद नई कंपनियां बीमा सेक्टर में निवेश और डिजिटल वितरण को बढ़ाएंगी। गांव में बैठे लोग मोबाइल ऐप, वेबसाइट, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) आदि के माध्यम से पॉलिसी को आसानी से बहुत ही कम किश्तों में खरीद पाएंगे। डिजिटल पेमेंट होने की वजह से बीमा पॉलिसी अब घर बैठे ही खरीदी जा सकेगी।

गांव में बैठे लोगों को कितना प्रीमियम देना होगा?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट राकेश जैन का कहना है कि नये विधेयक का मतलब ये बिल्कुल भी नहीं कि गांव में रहने वाले लोगों को मुफ्त में बीमा मिलेगा। संसद में पास हुआ बिल बीमा मुफ्त नहीं करता और न ही सरकार ने तय किया है कि सबको बिना प्रीमियम के बीमा मिलेगा। यह उद्देश्य बीमा को अधिक सस्ता, अधिक उपलब्ध और अधिक स्वीकार्य बनाना है ताकि बीमा का दायरा बढ़े और ज्यादा लोग इसमें शामिल हों। गांव में रहने वाले लोगों को एक बीमा के लिए कितना प्रीमियम देना होगा ये कंपनी द्वारा ही तय किया जाएगा।

किस आधार पर तय होती है बीमा प्रीमियम की रकम

अगर कोई व्यक्ति बीमा खरीदता है, तो कंपनियां कई चीजों को ध्यान में रखकर प्रीमियम तय करती है। आइए जानते हैं इसके बारे में-

  • व्यक्ति की उम्र क्या है? (जैसे 18-60 साल)
  • किसी प्रकार की बीमारी या हेल्थ कंडीशन
  • नौकरी या बिजनेस
  • बीमा राशि (कवरेज की रकम)
  • पॉलिसी की अवधि (1 साल, 5 साल, लाइफटाईम)

इस बात को आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि अगर आप 30 साल के हो और जीवन बीमा लेते हो प्रीमियम कुछ सौ से कुछ हजार रुपये प्रतिवर्ष का हो सकता है। हेल्थ इंश्योरेंस (स्वास्थ्य बीमा) में उम्र व कवर के आधार पर प्रीमियम 15000 रुपये तक का हो सकता है। इसके अलावा जीवन बीमा के दौरान दुर्घटना बीमा या छोटे जोखिम बीमा ₹300-₹2,000 प्रति वर्ष के बीच भी होता है।

Highlights

  • केंद्र सरकार द्वारा सबका बीमा सबकी रक्षा बिल लाया गया है।
  • ये बिल सस्ता बीमा उलपब्ध करवाने में मदद करेगा।
  • इस बिल के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।