Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
Sputnik V : कोरोना वायरस महामारी के टीके की खोज रूस और भारत में जल्द पूरी होती दिख रही है। रूस द्वारा अगस्त में लॉन्च की गयी स्पुतनिक वैक्सीन को लेकर कोविड-19 वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर सामने आ रही है। रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बयान दिया कि रूस ने अपने नागरिकों के लिए कोविड-19 वैक्सीन स्पुतनिक-5 ('Sputnik V') के पहले बैच को तैयार कर लिया है। टास समाचार एजेंसी द्वारा दी गयी खबर के अनुसार, रूस की हेल्थ मिनिस्ट्री ने मीडिया के सामने बयान दिया है कि उम्मीद है कि रूसी क्षेत्रों में इस वैक्सीन की जल्द ही सप्लाई भी पूरी हो जाएगी। (Sputnik V update)
समाचार एजेंसी आईएएनएस द्वारा उपलब्ध करायी गयी जानकारी के अनुसार कोरोनावायरस इंफेक्शन के प्रसार को रोकने के लिए स्पुतनिक वैक्सीन का पहला बैच तैयार हो चुका है। जिसे, गैम-कोविद-वैक (स्पुतनिक-5) गामेल्या रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी द्वारा तैयार किया गया है। इसके बाद रूस के नागरिकों के लिए इस वैक्सीन का वितरण करने के लिए टीके का उत्पादन शुरु किया गया।
मंत्रालय ने बयान दिया कि, "निकट भविष्य में रूस के कुछ क्षेत्रों में वैक्सीन के पहले बैच की सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है।" जैसा कि कल भी कहा जा रहा था कि सबसे पहले इस टीके की खुराक उन लोगों को दी जाएगी। जिन्हें, कोविड-19 इंफेक्शन का खतरा सबसे अधिक है। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने भी इससे जुड़ा बयान दिया था कि, सर्वप्रथम यह वैक्सीन हाई रिस्क ग्रुप में आने वाले डॉक्टर्स और टीचर्स को यह टीका लगाया जाएगा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही द लैंसेट जर्नल में एक स्टडी छापी गयी। जिसमें, कहा गया है कि रूस द्वारा तैयार की गयी कोविड -19 वैक्सीन स्पुतनिक वी. के ट्रायल्स में कोई विशेष साइड इफेक्ट्स नहीं देखे गए है और प्रारंभिक ह्यूमन ट्रायल्स में इसने इम्यून रिस्पांस भी दिखाया है। बता दें कि, रूस ने अगस्त 2020 में 'स्पुतनिक-5' का रजिस्ट्रेशन किया था। उसके बाद रूस कोविड -19 वैक्सीन को मंजूरी देने वाला विश्व का पहला देश बन गया। रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पुतनिक वी वैक्सीन का उत्पादन 15 अगस्त से शुरू करने की घोषणा भी की थी।
वहीं दूसरी तरफ लैंसेट जर्नल में छपी स्टडी में हिस्सा ले रहे लेखकों ने ऐसा भी कहा है कि वैक्सीन की दीर्घकालिक सुरक्षा और प्रभाव का पता लगाने के लिए प्लेसबो सहित दूसरे तरीकों से इसका लम्बे समय तक टेस्टिंग करनी चाहिए। कुछ ऐसा ही बयान भारत में भी दिया गया जहां एम्स के निदेशक समेत कई एक्सपर्ट्स नें स्पुतनिक की सेफ्टी की जांच करने की सलाह दी थी। स्पुतनिक वैक्सीन के भारत में उपलब्ध करवाने की दिशा में भारत सरकार की तरफ से अगस्त 2020 में कहा गया था कि नई दिल्ली और मॉस्को कोविड-19 वैक्सीन स्पुतनिक-5 को लेकर एक-दूसरे से लगातार सम्पर्क में बने हुए हैं। गौरतलब है कि, रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के सीईओ किरील दिमित्रिज भी कह चुके हैं कि, रूस भारत के साथ कोविड -19 वैक्सीन के प्रॉडक्शन को लेकर एक पार्टनरशीप करना चाहता है। (Sputnik V update)