10 अगस्त से पहले आ सकती है कोरोना वैक्सीन, COVID-19 पेशेंट से पहले इन्हें मिलेगी वैक्सीन

एक अच्छी खबर यह है कि रूस कोरोना वैक्सीन को 10 अगस्त से पहले बाजारों में उतार सकता है। रूस के वैज्ञानिक वैक्सीन पर तेजी से काम कर रहे हैं और अगर ऐसा ही रहा तो वैज्ञानिक 10 अगस्त या उससे पहले वैक्सीन की मंजूरी दे सकते हैं। बता दें कि रूस की इस वैक्सीन को मॉस्को के गमलेया इंस्टीट्यूट ने विकसित किया है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : July 30, 2020 11:16 AM IST

कोरोनावायरस संक्रमण देखते ही देखते विकराल रूप धारण करता जा रहा है जबकि अभी तक इसकी वैक्सीन या दवा नहीं बन पाई है। दुनियाभर के तमाम वैज्ञानिक और डॉक्टर्स कोरोना का इलाज ढूंढने के लिए दिनरात एक कर रहे हैं। हालांकि कुछ वैक्सीन और दवाएं तीसरी या अंतिम ट्रायल तक पहुंच गई हैं। इसी बीच एक अच्छी खबर यह है कि रूस कोरोना वैक्सीन को 10 अगस्त से पहले बाजारों में उतार सकता है। रूस के वैज्ञानिक वैक्सीन पर तेजी से काम कर रहे हैं और अगर ऐसा ही रहा तो वैज्ञानिक 10 अगस्त या उससे पहले वैक्सीन की मंजूरी दे सकते हैं। बता दें कि रूस की इस वैक्सीन को मॉस्को के गमलेया इंस्टीट्यूट ने विकसित किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैक्सीन लगभग तैयार है लेकिन इसे मार्किट में तभी उतारा जाएगा जब वैज्ञानिक इसे मंजूरी देंगे। अगर यह वैक्सनी 10 अगस्त से पहले या तब तक भी मार्किट में आती है तो इसे सबसे पहले फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स को दिया जाएगा। यानि कि जो लोग संक्रमित से उनसे पहले यह वैक्सीन उन लोगों को दी जाएगी जो सीधे तौर पर कोरोना संक्रमित लोगों की सेवा कर रहे हैं। हालांकि रूस ने आधिकारिक तौर पर वैक्सीन के ट्रायल को कोई कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि वैक्सीन कब तक आएगी।

10 अगस्त से पहले बाजार में मिल सकती है कोरोना वैक्सीन, COVID-19 पेशेंट से पहले इन्हें मिलेगी वैक्सीन

बता दें कि अभी इस वैक्सीन का दूसरा बाकि है। वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि उसे 3 अगस्त तक यह पूरा कर दिया जाएगा। फिर तीसरे चरण का ट्रायल शुरू होगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, वैक्सीन इसलिए जल्दी तैयार हो गई, क्योंकि यह अन्य बीमारियों से लड़ने के लिए पहले से ही निर्मित एक वैक्सीन का संशोधित संस्करण है। खबर यह भी है कि इस वैक्सीन के मानव परीक्षण में रूसी सैनिकों ने स्वयंसेवक के रूप में काम किया है।

कोरोना की अन्य वैक्सीन

इससे पहले बुधवार को खबर आई थी कि यदि सब कुछ सही रहा तो नवंबर के अंत तक भारत में कोरोनावायरस की वैक्सीन आ सकती है। जी हां, पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान के अधीक्षक डॉ. सीएम सिंह ऐसी उम्मीद जता रहे हैं। दरअसल, पटना में 40 लोगों पर वैक्सीन परीक्षण किया गया। पहले ही चरण में मानव परीक्षण के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। बता दें कि जिन लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई है, उन्हें दूसरी डोज देने की प्रक्रिया 29 जुलाई से शुरू हो जाएगी। वैज्ञानिकों द्वारा बताया जा रहा है कि वैक्सीन का मानव शरीर पर किसी तरह का साइड इफेक्ट नहीं हुआ है। पटना के एम्स में एंटीजन वैक्सीन का 40 लोगों पर परीक्षण किया गया, जिसके पहले डोज में किसी को कोई साइडइफेक्ट नहीं हुआ। इसमें 40 में से तीन लोगों को इंजेक्शन का दर्द हुआ था। अगर आगे भी सबकुछ ऐसा रहा, तो नवंबर में स्वदेशी वैक्सीन का उत्पादन शुरू हो जाएगा।